सहकारिता पुनरुत्थान और सुधार विभाग(डीसीआरआर)
भारत सरकार ने प्रो. वैद्यनाथन की अध्यक्षता में 2004 में एक कार्यदल का गठन किया जो ग्रामीण सहकारी ऋण संस्थाओं के पुनरुत्थान हेतु क्रियान्वयन योग्य कार्रवाई योजना का सुझाव दे सके. इस कार्यदल की सिफारिशों के आधार पर, भारत सरकार ने अल्पावधि सहकारी ऋण ढॉंचे (एसटीसीसीएस) के लिए एक पुनरुत्थान पैकेज तैयार किया और उसे सभी राज्य सरकारों के बीच परिचालित किया.
पुनरुत्थान पैकेज का मूल उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), जिला मध्यवर्ती सहकारी (जिमस) बैंकों और राज्य सहकारी (रास) बैंकों के कामकाज में कुछ विधिक और संस्थागत सुधारों के साथ-साथ उन पर आवश्यक पूँजी लगाकर उनमें सुधार लाना है.
दीर्घावधि सहकारी ऋण ढॉंचे के पुनरुत्थान के लिए भी कार्यदल ने अपनी अंतिम सिफारिशें भारत सरकार के अनुमोदनार्थ प्रस्तुत की हैं और भारत सरकार उनपर विचार कर रही है.
नाबार्ड पुनरुत्थान पैकेज को कार्यान्वित करने के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है और डीसीआरआर इसका नोडल विभाग है.
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डीसीआरआर-आरटीआई DCRR-RTI
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