बैंक ऋण के माध्यम से कृषि और विकास के लिए उपलब्ध अन्य कार्यकलापों के अंतर्गत निहित संभाव्यताओं का पता लगाने के लिए संभाव्यता युक्त ऋण योजना तैयार करना.
बैंकों को पनर्वित्त देना ताकि वे ग्रामीण इलाकों में निवेश और उत्पादन के प्रयोजन से ऋण प्रदान कर सकें.
ग्रामीण इलाकों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करने के लिए राज्य सरकारों, गैर सरकारी संगठनों, पंचायती राज संस्थाओं को ऋण उपलब्ध कराना.
गैर सरकारी संगठनों, और अन्य अनौपचारिक एजेंसियों द्वारा ऋण के संबंध में की गई नवोन्मेषी पहलों को सहायता देना.
ऐसी कार्यनीति विकसित करना जिसमें स्वयं सहायता समूहों के संवर्धन के माध्यम से किफायती रूप से ऋण वितरण संभव हो सके ताकि ग्रामीण इलाकों की गरीब और ऋण से वंचित जनता को औपचारिक बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें.
दीर्घकालिक रूप से वर्षासिंचित खेती की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाने के लिए सहभागिता आधारित वाटरशेड विकास को बढ़ावा देना.
सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करना और उनकी वित्तीय स्थिति की परोक्ष निगरानी करना.
National Bank for Agriculture and Rural Development