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National Bank for Agriculture and Rural Development
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वर्षांत समीक्षा  
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आरआईडीएफ परिचालन 2009-10 - वर्षांत समीक्षा

 
   
 

भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक 1995-96 में आरआईडीएफ की पहली खेप की स्‍थापना नाबार्ड में की. तब से अब तक अर्थात् आरआईडीएफ XV तक राज्‍य सरकारों के लिए कुल रु. 1,00,000 करोड़ का और एनआरआरडीए के लिए कुल रु.18,500 करोड़ अर्थात् आरआईडीएफ के अंतर्गत कुल रु.1,18,000 करोड़ का आबंटन किया गया जबकि इसके अंतर्गत रु.1,22,218 करोड़ की राशि की मंजूरी की गई ताकि मंजूर कुछ परियोजनाओं के संबंध में संभावित आहरण को समायोजित करने हेतु कुछ राशि मार्जिन के रूप में उपलब्‍ध रह सके. आरआईडीएफ XVI के लिए रु.16,000 करोड़ की राशि के साथ संचयी आबंटन बढ़कर रु.1,34,500 करोड़ हो गया.

इसके अलावा नाबार्ड राज्‍यों को, उनके भौगोलिक क्षेत्र, ग्रामीण जनसंख्‍या, ग्रामीण आधारभूत संरचना सूचकांक, ग्रामीण नकद-जमा अनुपात के उलट और आरआईडीएफ मंजूरियों के पिछले कार्यनिष्‍पादन और उपयोग को ध्‍यान में रखते हुए 'नॉर्मेटिव आधार' पर भी राशि का आबंटन करता है.

नाबार्ड कृषि और अनुषंगी क्षेत्रों के लिए परियोजना लागत की 90 प्रतिशत राशि; स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, पेय जल और स्‍वच्‍छता आदि जैसे सामाजिक सेक्‍टरों के लिए 85 प्रतिशत राशि; ग्रामीण संपर्क अर्थात् सड़कों और पुलों के लिए 80 प्रतिशत राशि आरआईडीएफ ऋण के रूप में उपलब्‍ध कराता है. इसके अलावा पूर्वोत्‍तर और पहाड़ी राज्‍यों के मामले में इसमें और भी रियायतें दी जाती हैं.

आरआईडीएफ के तहत पिछले पाँच वर्षों में दी गई मंजूरियों और किए गए संवितरणों का ग्राफिक लेखा-जोखा नीचे दिया जा रहा है :

आरआईडीएफ मंजूरियों - पिछले 5 वर्षों की

 

आरआईडीएफ संवितरण - पिछले 5 वर्षों के

 

साल-दर-साल, राज्‍यों को दिए जाने वाले ऋण में 18.5 प्रतिशत की वृद्धि होती गई. नाबार्ड की बैलेंस शीट में; उसके ऋण व्‍यवसाय और उसकी आय में आरआईडीएफ ने अति महत्‍वपूर्ण स्‍थान बना लिया.


प्रत्‍येक आहरण 7 वर्षों के लिए सावधि ऋण होता है. आरआईडीएफ ग्रामीण क्षेत्रों में भौमिक आधारभूत ढांचों के सृजन और पूँजी निर्माण में सीधा योगदान देता है. पिछले पाँच वर्षों में आरआईडीएफ के तहत बकाया ऋणों तेज़ी से वृद्धि हुई है, जो इस बात का द्यो‍तक है कि परियोजना का कार्यान्‍वयन बेहतर रूप से हो रहा है, ग्रामीण आधारभूत ढांचे की उपलब्‍धता बढ़ी है और नाबार्ड की आय में वृद्धि हुई है.
 
प्रगति की राह

आरआईडीएफ - बकाया ऋण

वर्ष के अंत में

रु. करोड़ में

2005-06

15,142

2006-07

20,005

2007-08

30,649

2008-09

45,616

2009-10

60,255

 

राज्‍य सरकारों को मंजूर कुल आरआईडीएफ ऋण में से, 43 प्रतिशत सिंचाई और ऊर्जा सहित कृषि और अनुषंगी सेक्‍टर के खाते में गया है; 13 प्रतिशत स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा के खाते में;  जबकि ग्रामीण सड़कों और पुलों का हिस्‍सा क्रमशः 33 और 11 प्रतिशत रहा.

 

आरआईडीएफ : सेक्‍टरसंबंधी वितरण

 

आरआईडीएफ ही एक-मात्र स्रोत है जो राज्‍य सरकारों को सबसे सस्‍ती अर्थात् 6.5 प्रतिशत की दर पर लंबे समय के लिए निधि उपलब्‍ध कराता है. वर्ष 2001-02 में संवितरण रु.3,790 करोड़ था जो वर्ष 2009-10 में बढ़कर रु.18,888 करोड़ हो गया. पहले रु.22,683 करोड़ के साथ परियोजनाओं की संचयी संख्‍या 1,12,749 थी;  अब रु.1,03,718 करोड़ की राशि के साथ यह संख्‍या 4,02,806 हो गई -- इसमें और भी वृद्धि हो रही है. 
 

पिछले तीन वर्षों में आरआईडीएफ परिचालनों की सुधरी हुई कार्यक्षमता का अंदाजा इस तथ्‍य से ही लगाया जा सकता है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष संवितरणों की राशि काफी अधिक है -- वह भी 'उपलब्‍ध मंजूरियों में से ही'. यह इस बात का द्योतक है कि राशि का उपयोग अधिक हुआ है.
 

रु. करोड

संवितरण वर्ष

आरआईडीएफ - चालू खेपों की संख्‍या

खेप

आहरणयोग्‍य कुल राशि

वर्ष का संवितरण

संवितरण प्रतिशत

2003-04

7

III to IX

11,938

3,922

33

2004-05

7

IV to X

14,311

4,317

30

2005-06

7

V to XI

17,780

5,933

33

2006-07

7

VI to XII

19,741

6,223

32

2007-08

6

VIII to XIII

22,875

8,035

35

2008-09

6

IX to XIV

24,922

10,459

42

2009-10

6

X to XV

25,602

12,388

48

2010-11

6

XI to XVI

26,160

15,500*

59

 
वार्षिक संवितरण
('आहरणयोग्‍य शेष के प्रतिशत के रूप में)
 

किसी 'खेप-वर्ष' के दौरान नई परियोजनाएँ मंजूर करने हेतु आरआईडीएफ आबंटनों का निर्धारण संबंधित राज्‍य के सामाजिक-आर्थिक मापदंडों के आधार पर किया जाता है.

वित्‍त वर्ष के दौरान होने वाले न्‍यूनतम अनुमानित आहरणों की गणना, पहले से मंजूर परियोजनाओं और उनके कार्यान्‍वयन की अनुसूचियों के अनुसार अथवा 'आहरणयोग्‍य पूल' के अनुसार स्‍वतः ही हो जाती है.

बंद हो चुकी खेपों - आरआईडीएफ I (1995-96) से आरआईडीएफ IX (2003-04) में से समग्र 'खेप उपयोग' लगभग 90 प्रतिशत रहा. उक्‍त अवधि के दौरान रु.34,000 करोड़ की कुल राशि आबंटित की गई थी; और कुल संवितरण रु.30,338 करोड़ का रहा.  

आरआईडीएफ XV तक मंजूर कुल रु.1,22,218 करोड़ में से नाबार्ड ने रु.1,03,718 करोड़ राज्‍य सरकारों को मंजूर किए हैं. इसमें से रु.68,440 करोड़ (68 प्रतिशत) राज्‍य सरकारों द्वारा आहरित कर ली गई है. इसके अलावा, गत चार वर्षों में भारत निर्माण के तहत ग्रामीण सड़कों के लिए एनआरआरडीए को रु.18,500 करोड़ मंजूर और संवितरित किए गए.
 
एनआरआरडीए सहित संचयी संवितरण रु.86,940 करोड़ अथवा कुल मंजूरियों का 73 प्रतिशत रहा, संबंधित विवरण निम्‍नलिखित तालिका में दिया जा रहा है :

 

उपयोग के रुझान

संवितरण वर्ष

आरआईडीएफ - चालू खेपों की संख्‍या

खेप

आहरणयोग्‍य कुल राशि

वर्ष का संवितरण

संवितरण प्रतिशत

2003-04 7 III to IX 11,938 3,922 33
2004-05 7 IV to X 14,311 4,317 30
2005-06 7 V to XI 17,780 5,933 33
2006-07 7 VI to XII 19,741 6,223 32
2007-08 6 VIII to XIII 22,875 8,035 35
2008-09 6 IX to XIV 24,922 10,459 42
2009-10 6 X to XV 25,602 12,388 48
2010-11

6

XI to XVI

26,160

15,500*

59

 

आरआईडीएफ XV तक के रु.1,18,500 करोड़ के कुल आबंटन में से रु.86,940 करोड़ (73 प्रतिशत) संवितरित किए जा चुके हैं. रु.31,560 करोड़ की शेष राशि देश भर की आरआईडीएफ परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन में लगी हुई है.


आरआईडीएफ I से IX के तहत मंजूर 1,53,180 परियोजनाओं में से 1,37,978 परियोजनाएँ (90 प्रतिशत) पूरी बन चुकी हैं. चालू खेपों (31 मार्च 2010 तक की स्थिति के अनुसार, X से XV) के तहत कुल 2,49,626 परियोजनाएँ मंजूर की गई. ये परियोजनाएँ या तो पूरी हो चुकी हैं या पूरी होने के विभिन्‍न चरणों में हैं. चालू खेपों के तहत रु.66,000 करोड़ के कुल आबंटन में से रु.38,102 करोड़ अथवा 58 प्रतिशत की राशि संवितरित की जा चुकी है.
 
 
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
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  तकनीकी सेवा विभाग
यह प्रभाग तकनीकी मुद्दों पर सेवा उपलब्‍ध कराता है
 
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