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राज्‍य सहकारी बैंकों और जिला मध्‍यवर्ती सहकारी बैंकों द्वारा सीआई कंपनियों की सदस्‍यता ग्रहण करना और सीआईसी को डाटा प्रस्‍तुत करना
बाह्य परिपत्र सं. 220 / डॉस - 21/ 2019             18 जुलाई 2019 
संदर्भ सं.राबैं.डॉस/पॉल/1590 / जे-1/ 2019-20 
प्रबंध निदेशक/ मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी 
सभी राज्‍य सहकारी बैंक 
सभी जिला मध्‍यवर्ती सहकारी बैंक 
 
प्रिय महोदय 
 
राज्‍य सहकारी बैंकों और जिला मध्‍यवर्ती सहकारी बैंकों द्वारा सीआई कंपनियों की सदस्‍यता ग्रहण करना और सीआईसी को डाटा प्रस्‍तुत करना 
 
कृपया उपर्युक्‍त विषय पर दिनांक 31 जनवरी 2018 के नाबार्ड के परिपत्र सं.राबैं.डॉस.प्रका.पॉल/4107/ जे-1/2017-18 (परिपत्र सं.22/ डॉस-4/2018) और दिनांक 29 जनवरी 2015 के भारतीय रिजर्व बैंक के परिपत्र डीसीबीआर.बीपीडी.(पीसीबी/आरसीबी) परिपत्र सं.13/16.74.000/2014-15 (आरबीआई/ 2014-15/435) का संदर्भ लें ।  ऋण सूचना के बारे में पूरी और सटीक जानकारी रखने की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया था कि सभी ऋण संस्‍थाएं सभी सीआईसी की सदस्‍यता ग्रहण करेंगी । 
 
2. बैंकों द्वारा 31 मार्च 2018 की स्थिति के अनुसार एन्‍श्‍योर पोर्टल में अपलोड किए गए डाटा के अनुसार मात्र 25 रास बैंकों और 252 जिमस बैंकों ने सभी 4 सीआईसी कंपनियों की सदस्‍यता ग्रहण की है ।  इसके अतिरिक्‍त हमारे निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया है कि जिन रास बैंकों और जिमस बैंकों ने 4 सीआईसी कंपनियों की सदस्‍यता ली है वे भी ऋण सूचना अपलोड नहीं कर रहे हैं । 
 
3. हम पुनः उल्‍लेख करना चाहते हैं कि सभी रास बैंकों और जिमस बैंकों को सभी 4 सीआई कंपनियों की सदस्‍यता ग्रहण करना अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है । साथ ही, इन बैंकों को अपेक्षित डाटा सीआईसी को उपलब्‍ध कराना है । ऋण सूचना कंपनी को उधारकर्ताओं के सही डाटा / ऋण सूचना भेजते समय सावधानी बरती जानी चाहिए । 
 
4.  कुपया इस परिपत्र की प्राप्ति की पुष्टि हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें । 
भवदीया 
 
(एस॰ विजयलक्ष्‍मी) 
महा प्रबंधक