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मौसमी कृषि परिचालनों (एसएओ) के वित्तपोषण के लिए नाबार्ड द्वारा राज्य सहकारी बैंकों को अल्पावधि (एसटी) पुनर्वित्त सुविधा प्रदान करना - वर्ष 2019-20 के लिए नीति
कृपया 06 जुलाई 2018 का हमारा परिपत्र सं. 173/पुनर्वित्त -52/2018 देखें जिसमें राष्ट्रीय बैंक आधिनियम, 1981 की धारा 21(1) के तहत मौसमी कृषि परिचालनों के वित्तपोषण हेतु पात्र जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों (जिमस बैंक) के लिए राज्य सहकारी बैंकों (रास बैंक) को पुनर्वित्त सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में नाबार्ड की वित्तीय वर्ष 2018-19 की नीति से अवगत कराया गया है. हम सूचित करते हैं कि हमने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए अल्पावधि (मौसमी कृषि परिचालन) नीति को अंतिम रूप दे दिया है और विस्तृत नीति अनुबंध I में दी गई है.
 
2.   अल्पावधि (मौकृप) पुनर्वित्त की मात्रा राज्य सहकारी बैंक की निवल अनर्जक आस्तियों के स्तर से जुड़ी रहेगी. साथ ही, 2018-19 के दौरान जारी मानदंड वर्ष 2019-20 के दौरान भी जारी रहेंगे. 
 
3.     राज्य सहकारी बैंकों को नाबार्ड द्वारा प्रदत्त पुनर्वित्त पर ब्याज दर 4.5% प्रति वर्ष होगी, (भारत सरकार द्वारा किए जाने वाले संशोधनों, यदि कोई हो के अधीन) लेकिन इसके लिए शर्त यह होगी कि राज्य में अल्पावधि सहकारी 
 
ऋण ढांचे के अंतर्गत बैंक द्वारा अपने संसाधनों को मिलाकर प्रत्येक उधारकर्ता/किसान को 7% प्रति वर्ष या इससे कम दर से रु॰ 3 लाख तक का फ़सली ऋण दिया जाता है. बैंक को अनुबंध II के अनुसार इस आशय का वचनपत्र (अंडरटेकिंग) प्रस्तुत करना होगा.  
 
4.    जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को उधारकर्ता सदस्यों को रुपे कार्ड जारी कर केसीसी योजना का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की सलाह दें. राज्य सहकारी बैंक/ज़िला मध्यवर्ती सहकारी बैंक को केसीसी की मासिक प्रगति महीने की समाप्ति के बाद अगले महीने की 15 तारीख तक एनशूर पोर्टल पर रिपोर्ट करनी होगी. 
 
5. वर्ष 2019-20 के लिए पुनर्वित्त आबंटन के बारे में हमारा क्षेत्रीय कार्यालय आपके बैंक को अलग से सूचित करेगा. आप सभी पात्र जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों की ओर से पहले आहरण के साथ समग्र ऋण सीमा की मंजूरी के लिए निर्धारित प्रोफ़ार्मा में नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को आवेदन कर सकते हैं.
 
6.  कृपया इस परिपत्र की पावती हमारे क्षेत्रीय कार्यालय को दे.