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डीटीएल की गणना के लिए शाखा समायोजन खाते में निवल ऋण शेष को शामिल करने के संबंध में
बाह्य परिपत्र सं. 246 /डॉस-24/2019 06 अगस्त 2019
संदर्भ सं. राबैं. डॉस. पॉलि. एचओ./1830/पॉलिसी /जे-1/2019-20
मुख्य कार्यकारी अधिकारी
सभी राज्य सहकारी बैंक
सभी जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक
 
प्रिय महोदय,
 
डीटीएल की गणना के लिए शाखा समायोजन खाते में निवल ऋण शेष को शामिल करने के संबंध में
 
कृपया दिनांक 27 जून 2008 के हमारे परिपत्र सं.101/डॉस-16/2008 (डॉस. एचओ. पॉल/1148/जे-1/2008-09) का अवलोकन करें जिसमें हमने सीआरआर और एसएलआर बनाए रखने और डीटीएल की गणना के संबंध में अनुदेश जारी किए हैं और इस संबंध में आगे लाभ और हानि खाते में असंवितरित लाभ और ऋण शेष के ट्रीटमेंट के बारे में भी दिनांक 03 दिसंबर 2010 के हमारे परिपत्र सं.234/डॉस-28/2010 (डॉस. एचओ. पॉलिसी/3300/जे-1/2010-11) के माध्यम से स्पष्टीकरण जारी किए गए हैं। 
 
2. उपर्युक्त के अनुक्रम में अब हम निम्नानुसार सूचित करते हैं: -
 
i. गैर-अनुसूचित रास बैंकों और जिमस बैंकों के मामले में सीआरआर और एसएलआर की गणना के प्रयोजन से शाखा समायोजन खाते में निवल ऋण शेष को 'अदर डिमांड और टाईम लायबिलिटिस' (ओडीटीएल) (अर्थात् फॉर्म 1 के II(सी)) के भाग के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। अनुसूचित रास बैंकों के मामले में इसे बी.2(1) (सी) के अंतर्गत 'ओडीएल' के भाग के रूप में रिपोर्ट किया जाना चाहिए।
 
ii. इस प्रयोजन के लिए बैंक को इन्टर-ब्रांच एडजस्टमेंट खाते में 5 वर्ष से अधिक अवधि के बकाया ऋण प्रविष्टियों को 'ब्लॉक्ड एकाउन्ट' के रूप में अलग करके उपर्युक्त पैरा(i) में इंगित किए गए अनुसार क्रमश: फॉर्म 1 और फॉर्म बी.2(1) (सी) के तहत रिपोर्ट करना चाहिए। इसके बाद, निम्न में शामिल करने हेतु इन्टर-ब्रांच ट्रांजैक्शन के नेट राशि की गणना की जानी चाहिए।
 
(क) 'ओडीटीएल' (फॉर्म I का II(सी) (गैर-अनुसूचित रास बैंक/ जिमस बैंक के लिए और बी.2(1) (सी) के तहत 'ओडीएल' (अनुसूचित रास बैंक के लिए)।
 
(ख) डेबिट में होने की स्थिति में गैर-अनुसूचित रास बैंक/ जिमस बैंक के लिए फॉर्म III(iv) तहत 'एनी अदर असेट्स' के लिए 'अदर असेट्स' (III(डी)) के तहत।
 
(ग) 'ब्लॉक्ड एकाउन्ट' की कुल राशि को अलग कर लिया जाना चाहिए और पांच वर्ष से कम अवधि की बाकी क्रेडिट प्रविष्टियों की राशि और डेबिट प्रविष्टियों (अवधि पर ध्यान दिए बगैर) की राशि का अंतर निकाला जाना चाहिए। इन्टर-ब्रांच प्रविष्टियों के डेबिट में होने के बावजूद 'ब्लॉक्ड एकाउन्ट' के शेष को सीआरआर और एसएलआर के रखने की दृष्टि से हिसाब में लिया जाएगा।
 
iii. यदि छह माह से अधिक अवधि के इन्टर-ब्रांच प्रविष्टियों का नेट डेबिट में हो तो 100% प्रावधान किया जाना चाहिए. वर्तमान अनुदेशों के अनुसार इसकी गणना 6 माह से अधिक सभी डेबिट प्रविष्टियों और 6 माह से अधिक लेकिन 5 वर्ष से कम अवधि की क्रेडिट प्रविष्टियों का अंतर निकालकर की जाएगी।
 
इस संबंध में कुछ उदाहरण अनुबंध I में दिए गए हैं।
 
3. इस संबंध में एन्श्युर पोर्टल में अपेक्षित बदलाव कर दिया गया है। सभी रास बैंक और जिमस बैंक ऊपर दिए गए विवरण के अनुसार संबंधित फॉर्म/एन्श्युर में 28 सितंबर 2019 से शुरू हो रहे पखवाड़े से (13 सितंबर 2019 की उनकी डीटीएल स्थिति के अनुसार) नेट क्रेडिट बैलेंस रिपोर्ट करें।
 
4. कृपया इस परिपत्र की प्राप्ति सूचना हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को भिजवायें।
भवदीय
 
(के. आर. राव)
मुख्य महा प्रबंधक
संलग्न:- यथोपरि