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केवल केसीसी खातों के माध्यम से अल्पाघवधि के फसली ऋणों के लिए ब्याज सहायता और शीघ्र चुकौती प्रोत्साहन की प्रतिपूर्ति
उपर्युक्त  विषय पर कृपया 30 दिसंबर 2019 का हमारा परिपत्र सं. राबैं.पुनर्वित्तं-नीति / 2386 / आईएस -1/2019-20 देखें.  
 
 कृषि ऋण खातों / अल्पारवधि कृषि ऋण को 01 अक्तूाबर 2019 से केसीसी खातों में बदलने के निदेशों को लागू करने में बैंकों द्वारा कठिनाई व्यकक्तर करने और ऐसा करने में बैंकों को अधिक समय की अवश्यरकता व्य क्ति करने के अनुरोध को देखते हुए कृषि, सहकारिता और किसान कल्याकण विभाग, कृषि और किसान कल्यासण मंत्रालय, भारत सरकार ने 23 जनवरी 2020 के अपने कार्यालय ज्ञापन सं.एफ.1- 20/2018-क्रेडिट-I (प्रति संलग्न ) के माध्याम से ब्या1ज सहायता और शीघ्र चुकौती प्रोत्सा हन का दावा करने के लिए 01 अप्रैल 2020 से केसीसी अनिवार्य कर दिया है.  
 
इसे देखते हुए बैंकों को सूचित किया जाता है कि 01 अप्रैल 2020 से केवल केसीसी के माध्यरम से प्रदान किए गए अल्पािवधि फसली ऋण ही ब्यारज सहायता (आईएस) और शीघ्र चुकौती प्रोत्सा हन (पीआरआई) के लिए पात्र होंगे.  
तदनुसार सभी बैंक उचित कार्रवाई शुरू करें.