Menu

कोविड-19 – परिचालनगत और व्यवसाय निरंतरता संबंधी उपाय
बाह्य परिपत्र सं.69 /डॉस -16/2020                    19 मार्च 2020
संदर्भ सं.राबैं.डॉस.पॉल.प्रका / 3809 /जे-1/2019-20  
 
अध्यक्ष 
 
सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 
प्रबंध निदेशक / मुख्य कार्यकारी अधिकारी 
सभी राज्य सहकारी बैंक / जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक 
महोदया / प्रिय महोदय 
 
कोविड-19 – परिचालनगत  और व्यवसाय निरंतरता संबंधी उपाय 
 
आपको विदित है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में फैले नॉवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को महामारी घोषित किया है। इस बीमारी के अनेक देशों में व्यक्ति से व्यक्ति संक्रमण होने की आशंका है और इसके फैलने से विश्व की अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित प्रभाव पर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत में भी इस बीमारी के कई मामलों का पता चला है, इसे देखते हुए आसन्न स्थिति से निपटने और भारतीय वित्तीय प्रणाली को सुरक्षीत करने के लिए समन्वित रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है। 
2.  भारत सरकार ने राज्य सरकार के सहयोग से इस बीमारी के स्थानीय संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रित करने के लिए पहले से ही कदम उठाती रही है। इसके अतिरिक्त, संबंधित बैंकों/वित्तीय संस्थाओं के उनके वर्तमान परिचालनों और व्यवसाय निरंतरता योजना में शामिल करने के लिए एक निदर्शी सूची नीचे दी गई है:-  
i. संस्थान में इस बीमारी के फैलाव, किसी कर्मचारी में संक्रमण का पता चलने पर इसके संक्रमण को आगे फैलाने से रोकने के लिए समय पर उपाय करने, उनके यात्रा संबंधी जानकारी और उन्हें क्वारंटाइन करने और स्टाफ तथा आम जनता में घबराहट फैलने से रोकने की रणनीति और मानीटरिंग प्रणाली तैयार करना;
ii. संक्रमित मामलों अथवा रोकथाम के उपायों की वजह से स्टाफ की अनुपस्थिति होने पर महत्वपूर्ण इंटरफ़ेसों को जारी रखने और सेवाओं में आ रही बाधाओं को कम करने के उद्देश्य से स्थिति का आकलन करना और व्यवसाय निरंतरता योजना की समीक्षा करना;
iii. स्वास्थ्य प्राधिकारियों से समय-समय पर मिलने वाले अनुदेशों के आधार पर तैयार रणनीति को सभी स्टाफ सदस्यों के साथ साझा करना और उन्हें जागरूक बनाना ताकि उनका बेहतर सहयोग मिले और इसके साथ-साथ संदेहात्मक मामलों में रोकथाम के उपाय के बारे में स्टाफ को अवगत कराना;
iv. अपने ग्राहकों को यथा संभव डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना।
3.  व्यवसाय निरंतरता के प्रवाह को बनाए रखने के लिए उठाए जाने वाले उपर्युक्त  कदमों के अलावा पर्यवेक्षित निकायों को कोविड-19 के भारत में आगे फैलाव की आशंका से उत्पन्न स्थिति और विश्व की अर्थ व्यवस्था तथा वैश्विक वित्तीय प्रणाली आदि में बाधा आने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने तुलन पत्र, आस्ति गुणवत्ता, तरलता आदि पर होने वाले प्रभाव का आकलन करना।
4. इस स्थिति को व्यावसायिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से गहनता से मानीटर करने की जरूरत है। इसे ध्यान में रखते हुए एक त्वरित कार्रवाई दल का गठन किया जाए जो इस बीमारी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों से प्रबंधन को अवगत कराते रहे और विनियामकों/ बाह्य संस्थानों/ एजेंसीयों से समन्वय के लिए एकल संपर्क केंद्र के रूप में कार्य करे। 
5. कृपया इस परिपत्र की प्राप्ति सूचना हमारे संबन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को दें। 
 
भवदीय 
(के.एस. रघुपति) 
मुख्य महाप्रबंधक 
उक्त दिनांक का परांकन सं.राबैं.डॉस.पॉल.प्रका / 3810 /जे-1/2019-20
 
प्रतिलिपि निम्नलिखित सूचनार्थ को प्रेषित :-
 
1. मुख्य महाप्रबंधक, पुनर्वित्त विभाग (ग्रामीण सहकारिता बैंक प्रभाग), भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, सी-7, पहली मंज़िल, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, बांद्रा (पूर्व), मुंबई-400 051 को दिनांक 18 मार्च 2020 के उनके ईमेल के संदर्भ में।  
2. मुख्य महाप्रबंधक, पुनर्वित्त विभाग (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक  प्रभाग), भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, 12 और 13 मंज़िल, केंद्रीय कार्यालय भवन, शहीद भगत सिंह मार्ग, मुंबई– 400001।  
3. महाप्रबंधक, सभी प्रायोजक बैंक।  
4. पंजीयक, सहकारी समितियां, सभी राज्य  के सहकारिता विभाग।  
5. अध्यक्ष महोदय के कार्यपालक सहायक, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, प्रधान कार्यालय, मुंबई। 
6. मुख्य महाप्रबंधक / महाप्रबंधक/ प्रभारी अधिकारी, नाबार्ड, प्रधान कार्यालय के सभी विभाग / सभी क्षेत्रीय कार्यालय।
7. निदेशक/संयुक्त निदेशक, बैंकर ग्रामीण विकास संस्थान, लखनऊ, मंगलुरू और बोलपुर.
8. प्रधानाचार्य, राष्ट्रीय बैंक स्टाफ महाविद्यालय, लखनऊ.
 
(एल.एम. त्यागराजन)
सहायक महाप्रबंधक