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जाली नोटों का पता लगाना और इन्हें जब्त करना
बाह्य परिपत्र सं. 129/डॉस- 23/2020 11 मई 2020
सं. सं. राबैं. डॉस. पॉलिसी/ 389 /पॉलिसी /जे-1/2020-21 
अध्यक्ष 
 
सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 
 
प्रिय महोदय / महोदया 
 
जाली नोटों का पता लगाना और इन्हें जब्त करना 
 
हम उपर्युक्त विषय पर आपका ध्यान दिनांक 29अक्तूबर 2019 के हमारे परिपत्र सं. राबैं. डॉस/पॉलिसी.2694/ जे-1/2018-19 (परिपत्र सं. 271/डॉस-39/2018) और भारतीय रिजर्व बैंक के दिनांक 01 जुलाई 2019 के मास्टर परिपत्र डीसीएम (एफ़एनवीडी)जी-1/16.01.05/2019-20(आरबीआई /2019-20/01) (प्रतिलिपि संलग्न) की ओर आकर्षित करते हैं। संदर्भित मास्टर परिपत्र के पैरा 10 (पृष्ठ 06) में इंगित किए गए अनुसार सभी बैंकों से अपेक्षा है कि वे जाली भारतीय मुद्रा नोटों का पता लगाने और इन्हें जब्त करने संबंधी रिपोर्ट उक्त मास्टर परिपत्र के अनुबंध VI में दिए गए फॉर्मेट में मासिक आधार पर भिजवायें। यदि किसी माह के दौरान कोई जाली नोट नहीं मिलता है, तो इसकी ‘शून्य’ रिपोर्ट भिजवाई जानी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक के दिनांक 01 जुलाई 2019 के मास्टर परिपत्र में निर्दिष्ट अनुदेशों का अनुपालन नहीं करने पर इसे भा॰रि॰बैंक के दिनांक 19 नवंबर 2009 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा। 
2.   इसके अलावा, धन शोधन निवारण (अभिलेखों के रखरखाव) संशोधन नियमावली, 2013 के नियम 8(1) के अनुसार बैंक के प्रमुख अधिकारी नकद लेनदेन में मिले जाली नोटों की सूचना अगले महीने की 15 तारीख तक निदेशक, एफ़आईयू-इंड को फिननेट पोर्टल पर अपलोड करके देंगे और इस संबंध में राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो, नई दिल्ली को भी वेब एनेबल्ड सॉफ्टवेयर में सूचित करेंगे। 
3. हम सूचित करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक के उक्त मास्टर परिपत्र में जारी अनुदेशों और इसमें समय-समय पर किए गए संशोधनों को ध्यान में रखते हुए इनका कड़ाई से पालन किया जाए।
4. कृपया इस परिपत्र की प्राप्ति सूचना हमारे संबन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को दें।
 
भवदीय 
(के॰एस॰रघुपति)
मुख्य महाप्रबंधक 
संलग्नक :- यथोक्त