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जाली नोटों का पता लगाना और इन्हें जब्त करना
बाह्य परिपत्र सं.140/डॉस-28/2020        26 मई 2020
सं. सं. राबैं. डॉस. पॉलिसी/534/पॉलिसी /जे-1/2020-21 
पंजीयक सहकारी समितियां, 13 राज्य /संघ शासित प्रदेश 
 
प्रिय महोदय / महोदया 
 
जाली नोटों का पता लगाना और इन्हें जब्त करना 
 
हम आपका ध्यान उपर्युक्त विषय पर भारतीय रिजर्व बैंक के दिनांक 01 जुलाई 2019 के  मास्टर परिपत्र डीसीएम (एफ़एनवीडी) जी-1/16.01.05/2019-20 (आरबीआई /2019-20/01) (प्रतिलिपि संलग्न) की ओर आकर्षित करते हैं। संदर्भित मास्टर परिपत्र के पैरा 10 (पृष्ठ 06) में इंगित किए गए अनुसार सभी बैंकों से अपेक्षा है कि वे जाली भारतीय मुद्रा नोटों का पता लगाने और इन्हें जब्त करने संबंधी रिपोर्ट उक्त मास्टर परिपत्र के अनुबंध VI में दिए गए फॉर्मेट में मासिक आधार पर भिजवायें। यदि किसी माह के दौरान कोई जाली नोट नहीं मिलता है, तो इसकी ‘शून्य’ रिपोर्ट उन्हें भिजवाई जानी चाहिए। 
 
2. इसके अलावा, धन शोधन निवारण (अभिलेखों के रखरखाव) संशोधन नियमावली, 2013 के नियम 8(1) के अनुसार बैंक के प्रमुख अधिकारी नकदी लेनदेन में मिले जाली नोटों की सूचना अगले महीने की 15 तारीख तक निदेशक, एफ़आईयू-इंड को फिननेट पोर्टल पर अपलोड करके देंगे और इस संबंध में राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो, नई दिल्ली को भी वेब एनेबल्ड सॉफ्टवेयर में सूचित करेंगे। 
 
3. आपसे अनुरोध है कि अपने राज्य /संघ शासित प्रदेश के एससीएआरडीबी को उपर्युक्त पैरा 1 में निर्दिष्ट किए गए अनुसार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सूचित करें। वे इस आशय का  प्रमाणपत्र, मुद्रा प्रबंधन विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, मुंबई को भेजें कि उन्होंने नकदी लेनदेन में जाली नोट को सही नोट के रूप में चलाने संबंधी सूचना एफ़आईयू-इंड और राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो, नई दिल्ली के वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इसकी एक प्रति हमारे संबन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को भी परांकित की जाए। 
 
4. कृपया इस परिपत्र की प्राप्ति सूचना हमारे संबन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को दें। 
 
भवदीय 
(के.एस.रघुपतिi)
मुख्य महा प्रबंधक 
संलग्नक :- यथोक्त