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1 मार्च 2020 से 31 अगस्त 2020 के बीच ऋण के लिए किसानों को 2% ब्याज सहायता (IS) और 3% शीघ्र चुकौती प्रोत्साहन (PRI) प्रदान करना
कृपया हमारे दिनांक 31 मार्च 2020 के परिपत्र संदर्भ सं. राबैं. पुनर्वित्त. नीति/2900/आईएस-1/ 2019-20 {परिपत्र सं 75/डोर-14/2020} को देखें जिसमें बैंकों द्वारा दिए गए रु. 3 लाख प्रति किसान तक के अल्पावधि फसल ऋणों, जो 01 मार्च 2020 और 31 मार्च 2020 के बीच देय हो गए या होंगे, के लिए बैंकों को 2% की ब्याज सहायता (IS) और किसानों को 3% का शीघ्र चुकौती प्रोत्साहन (PRI) 31.05.2020 या वास्तविक भुगतान की तिथि तक, जो भी पहले हो, जारी रखने की सूचना दी गई थी.  
 
2. कोविड-19 की समस्या 31 मई 2020 के आगे भी रहने की आशंका को देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने 23 मई 2020 की अपनी अधिसूचना के माध्यम से सभी वाणिज्य बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, छोटे वित्त बैंकों और स्थानीय क्षेत्र बैंक-लोकल एरिया बैंकों सहित) सभी मीयादी ऋणों (कृषि मीयादी ऋण, खुदरा और फ़सल ऋणों सहित) और कार्यशील पूंजीगत ऋण के लिए स्थगन अवधि और तीन महीने, अर्थात 01 जून 2020 से 31 अगस्त 2020 तक के लिए बढ़ा दी है. 
 
3. किसानों द्वारा ज्यादा ब्याज देने की स्थिति न पैदा हो और समय पर ऋण की चुकौती के लिए लागू 4% प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण का लाभ मिलना सुनिश्चित करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने 30 मार्च 2020 के कार्यालय ज्ञापन F. No. 1-9/2020- Credit-I (प्रति संलग्न) द्वारा यह निर्णय लिया है कि बैंकों द्वारा दिए गए रु. 3 लाख प्रति किसान तक के अल्पावधि ऋणों (पशुपालन और डेयरी और मत्स्यव्यवसाय करने वाले किसानों को रु. 2 लाख तक), जो 01 मार्च 2020 और 31 अगस्त 2020 के बीच देय हो गए या होंगे, के लिए बैंकों को 2% की ब्याज सहायता और किसानों को पशुपालन, डेयरी और मत्स्यव्यवसाय सहित कृषि के लिए 3% शीघ्र चुकौती प्रोत्साहन 31.08.2020 या वास्तविक भुगतान की तिथि, जो भी पहले हो, तक जारी रहेगी.  
 
4. उपरोक्त के मद्देनजर, हम आपको उचित कार्रवाई करने की सलाह देते हैं और किसानों को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन सहित कृषि के लिए 31 अगस्त, 2020 तक के ऐसे अल्पावधि ऋणों की अदायगी, जो 01 मार्च 2020 और 31 अगस्त 2020 के बीच देय हो गए या होंगे, की विस्तारित अवधि के लिए पीआरआई लाभ प्रदान करना जारी रखते हैं.