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किसानों को कृषि और अनुषंगी गतिविधियों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना
संदर्भ सं. राबैं. पुनर्वित्त -अल्पावधि/ 141/ केसीसी-1/ 2020-21
परिपत्र सं. 146/ पुनर्वित्त -43/ 2020
01 जून 2020 
1. प्रबंध निदेशक 
सभी राज्य सहकारी बैंक 
2. अध्यक्ष
सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 
 
महोदय 
 
किसानों को कृषि और अनुषंगी गतिविधियों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना
 
जैसा कि आप जानते हैं, केसीसी योजना के अंतर्गत सभी पीएम किसान लाभार्थियों को कवर करने के लिए भारत सरकार ने 08 फरवरी 2020 से विशेष अभियान आरंभ किया था. यह अभियान 10 फरवरी को आरंभ हुआ और अप्रैल 2020 के अंत तक जारी रहा. इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव हुआ. इस अभियान के परिणामवरूप बैंकों को लगभग 75 लाख केसीसी आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 36 लाख केसीसी धारकों को रु.30,000 करोड़ की कुल ऋण सीमा मंजूर की गई. विशेष अभियान के दौरान केसीसी के लिए जिन्होंने केसीसी के लिए आवेदन किया था उन सभी बचे हुए पात्र पीएम किसान लाभार्थियों को बैंकों द्वारा केसीसी की मंजूरी और केसीसी जारी करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. 
 
2. इसी दौरान किसानों के लिए प्रधानमंत्री के पैकेज के एक हिस्से के रूप में कृषि क्षेत्र को ऋण सुविधा प्रदान करने हेतु माननीय वित्तमंत्री ने केसीसी योजना के अंतर्गत 2.5 करोड़ किसानों को शामिल करने की घोषणा की है. इस संबंध में कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार ने 21 मई 2020 के अपने पत्र (प्रति संलग्न)  के माध्यम से राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासनों को सभी पात्र पीएम किसान लाभार्थियों को केसीसी मंजूर और जारी करने के लिए आवश्यक उपाय करने हेतु अनुरोध किया है. 
 
3. पशुपालन और मत्स्यपालन से संबंधित गतिविधियों से सम्बद्ध किसानों की ऋण जरूरतों को पूरा करने की दृष्टि से सरकार ने इन किसानों को उनकी कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए केसीसी सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया और इस संबंध में हमने 13 फरवरी 2019 के हमारे परिपत्र सं. 34/ डीओआर-08/ 2019 के माध्यम से विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे. इस समय जब पूरा देश कोविड-19 की वैश्विक महामारी से जूझ रहा है, तब मत्स्यपालन, डेयरी और मुर्गीपालन से संबंधित गतिविधियों से जुड़े किसानों को उनकी कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केसीसी के माध्यम से समय पर ऋण उपलब्ध कराने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सामान्य स्थिति में लाने में मदद मिलेगी. साथ ही इस उद्देश्य से पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार (डीएएचडी) ने दूध यूनियनों और दूध उत्पादक कंपनियों से जुड़े 1.5 करोड़ डेयरी किसानों को केसीसी दिलाने के लिए 1 जून 2020 से विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है. दूध यूनियनों से सम्बद्ध किसानों सहित डेयरी किसानों को केसीसी जारी करने संबंधी विस्तृत परामर्शी दिशानिर्देश और संशोधित आवेदन फॉर्म 28 मई 2020 के डीएएचडी पत्र के साथ जारी किए गए हैं. आपकी सुविधा के लिए उक्त पत्र की प्रति अनुबंध II के रूप में संलग्न की गई है. 
 
4. विशेष अभियान के दौरान नीचे दिए गए लक्ष्य सुनिश्चित करने के लिए आपको भरपूर प्रयास करने होंगे : 
 
(क) केसीसी के अंतर्गत सभी पीएम किसान लाभार्थियों को शामिल करना: यह सुनिश्चित किया जाए कि जहाँ तक संभव हो पीएम किसान के सभी पात्र लाभार्थियों को नए केसीसी जारी कर केसीसी योजना के अंतर्गत शामिल किया जाए अथवा विद्यमान केसीसी सीमा में वृद्धि की जाए अथवा निष्क्रिय केसीसी खाते को सक्रिय किया जाए. 
 
(ख) डेयरी किसानों को केसीसी जारी करना: पात्र डेयरी किसानों को केसीसी जारी करने के लिए बैंकों द्वारा संशोधित फॉर्मेट में प्राप्त आवेदनों पर केसीसी जारी करने अथवा विद्यमान केसीसी सीमा में वृद्धि करने अथवा निष्क्रिय केसीसी खाते को सक्रिय करने के लिए वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार शीघ्र कार्रवाई की जाए. 
 
(ग) किसानों को आवश्यक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से ऑटो डेबिट सुविधा के माध्यम से निम्नलिखित योजनाओं में  पात्र किसानों को एनरोल किया जा सकता है: 
 
i. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई)
ii. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई)
 
5. उपर्युक्त अभियान के महत्व को ध्यान में रखते हुए कृपया नीचे दिए गए बिन्दुओं को सुनिश्चित किया जाए: 
 
(क) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक उन्हें प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई और उनकी मंजूरी में शीघ्रता बरतें. कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग और पशुपालन तथा डेयरी विभाग, स्थानीय प्रशासन और उनके फील्ड स्तर के पदाधिकारियों के माध्यम से पात्र पीएम-किसान लाभार्थियों से भूमि संबंधी रिकार्ड आदि सहित संबन्धित दस्तावेजों के साथ आवेदन भेजना सुनिश्चित करेंगे. 
 
(ख) डेयरी किसानों को केसीसी मंजूर और जारी करना. संशोधित केसीसी आवेदन फॉर्म जिसकी जाँच आईबीए ने की है उसे पशुपालन तथा डेयरी विभाग ने परिचालित किया है तथा इसी फॉर्म को उनकी वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है. इस आवेदन फॉर्म को सभी बैंकों की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए और इसका स्थानीय भाषा में प्रचार किया जाए. 
 
(ग) प्राप्त आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई और उनका अनुमोदन सुनिश्चित करने के लिए, फॉर्म्स प्राप्त करने और किसानों को उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए  शाखाओं में जहाँ भी संभव हो समर्पित डेस्क बनाया जाए.
 
(घ) छोटे और सीमांत किसानों की कठिनाई और वित्तीय आपदा को ध्यान में रखते हुए रु. 3 लाख तक के केसीसी/ फसल ऋणों पर प्रोसेसिंग, निरीक्षण, लेजर फोलियो और अन्य सभी प्रभारों को माफ करने के अनुदेश राज्य सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को संबोधित 11 फरवरी 2019 के हमारे परिपत्र सं. 32/ डीओआर-06/ 2019 के माध्यम से जारी किए गए हैं. केसीसी आवेदनों पर कार्रवाई करते समय इन अनुदेशों का पालन किया जाए. 
 
(ङ) आवेदन फॉर्म भरते समय आवेदक को पीएमएसबीवाई और पीएमजेजेबीवाई के अंतर्गत कवरेज के लिए सहमति देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. केसीसी की सुविधा के अलावा इससे किसानों को आवश्यक सामाजिक सुरक्षा कवर प्राप्त हो सकता है. 
(च) यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि पीएम-किसान के पात्र लाभार्थी और डेयरी, मुर्गीपालन और मत्स्यपालन से जुड़े किसानों को जहाँ तक संभव हो, कम से कम समय में और पूर्ण आवेदन फॉर्म प्रस्तुत करने की तारीख से बैंक की नीति और विनियामक दिशानिर्देशों के आनुसार सम्यक्  प्रक्रिया और सत्यापन के बाद किसी भी मामले में अधिकतम दो सप्ताह की अवधि में केसीसी जारी किया जाए. 
 
(छ) इस अभियान से संबंधित सभी मामलों के समन्वय के लिए बैंक एक नोडल अधिकारी नामित करें. नोडल अधिकारी कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग और पशुपालन तथा डेयरी विभाग द्वारा आवश्यक अंतराल और फॉर्मेट में कवरेज की प्रगति की रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार होगा. नाबार्ड के एन्श्योर पोर्टल और कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग के पीएमएफ़बीवाई के पोर्टल पर बैंकों द्वारा डाटा की ऑनलाइन रिपोर्टिंग की वर्तमान पद्धति जारी रहेगी.
 
6. इसलिए सभी जिला सहकारी बैंकों/ नियंत्रक कार्यालयों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की शाखाओं को इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के उचित अनुदेश दिए जाएँ. 
 
7. इस अभियान की प्रगति की रिपोर्ट एन्श्योर पोर्टल पर की जाए ताकि भारत सरकार को नियमित आधार पर सूचित किया जा सके. 
भवदीय 
 
(जिजि माम्मेन)
मुख्य महाप्रबंधक
  
उक्त दिनांक का परांकन सं. संदर्भ सं. राबैं. पुनर्वित्त -अल्पावधि/ / केसीसी-1/ 2020-21
प्रति सूचना/ आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित:  
1. सचिव, भारत सरकार, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग, कृषि भवन, नई दिल्ली
2. सहकारिता विभाग, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिव
3. मुख्य महाप्रबंधक, वित्तीय समावेशन और विकास विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, मुंबई - 40001
4. प्रबंध निदेशक, नेशनल फेडरेशन ऑफ स्टेट कोऑपरेटिव बैंक्स लिमिटेड (NAFSCOB) जेके चैम्बर्स, 5 वीं मंजिल, प्लॉट नंबर 76, सेक्टर -17, वाशी, नवी मुंबई
5. सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार
6. मुख्य महाप्रबंधक / महाप्रबंधक / प्रभारी अधिकारी, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, सभी क्षेत्रीय कार्यालय। परिपत्र की एक प्रति जिला विकास प्रबंधकों को उपलब्ध कराई जा सकती है।
7. प्रधानाचार्य, एनबीएससी, लखनऊ
8. निदेशक, बर्ड, लखनऊ
9. संयुक्त निदेशक, बर्ड, बोलपुर / बर्ड, मंगलौर
10. प्रधानाचार्य, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल बैंकिंग, भारतीय रिजर्व बैंक, गणेशखिंद रोड, पुणे- 411 016
11. मुख्य महाप्रबंधक, सभी प्रमुख कार्यालय विभाग, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, मुंबई
12. अध्यक्ष के कार्यपालक सहायक, नाबार्ड, प्रधान कार्यालय, मुंबई.
13. उप प्रबंध निदेशक (केवीस) के कार्यपालक सहायक, नाबार्ड, प्रधान कार्यालय, मुंबई.
14. उप प्रबंध निदेशक (पीवीएस) के कार्यपालक सहायक, नाबार्ड, प्रधान कार्यालय, मुंबई.
    
(एन. नीरजा)
उप महाप्रबंधक