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नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 27 के अंतर्गत सहकारी ऋण संस्थाओं की शेयर पूंजी में अंशदान के लिए राज्य सरकारों को सावधि ऋण की मंजूरी - साल 2020-21 के लिए नीति
नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 27 के अंतर्गत सहकारी ऋण संस्थाओं की शेयर पूंजी में अंशदान के लिए राज्य सरकारों को सावधि ऋण की मंजूरी - साल 2020-21 के लिए नीति
 
नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 27 के अंतर्गत नाबार्ड सहकारी ऋण संस्थाओं अर्थात राज्य सहकारी बैंकों, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों, पैक्स / कृषक एव समितियां / लेम्प्स, राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों और प्राथमिक सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों की शेयर पूंजी मे अंशदान के लिए प्रतिपूर्ति के आधार पर राज्य सरकारों को दीर्घावधि ऋण उपलब्ध कराता है।
 
2. हम सूचित करते हैं कि वर्ष 2020-21 की यह नीति वर्ष 2018-19 के लिए दिनांक 01 अप्रैल 2019 को जारी नीतिगत परिपत्र संख्या 93 / डोर - 33 / 2019 के अनुरूप ही है.
 
3. इसके तहत प्रदत्त सहायता की परिचालन अवधि 01 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक होगी और इसके अंतर्गत वर्ष 2020-21 के दौरान शेयर पूंजी अंशदान के लिए राज्य सरकार द्वारा संवितरित राशि शामिल होगी.
 
4. नाबार्ड से राज्य सरकारों को यह सुविधा 8.5% वार्षिक दर अथवा समय-समय पर नाबार्ड द्वारा निर्धारित दर पर उपलब्ध कराई जाएगी.
 
5. शेयर पूंजी अंशदानके लिए अंशदान करते समय राज्य सरकारों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
(i) सहकारी ऋण संस्थाओं मे सदस्य आधारित प्रक्रिया के संवर्धन पर बल देना. 
 
सहकारी ऋण संस्थाओं की शेयर पूंजी में अंशदान के लिए राज्य सरकारों को सहायता प्रदान करने का मुख्य उद्देश्य इन संस्थाओं की अधिकतम उधार क्षमता (एमबीपी) को बढ़ाना है जिससे इनकी स्वाधिकृत निधियों के गुणक के रूप मे माना जाता है. इससे ये संस्थाएं अपने घटको की ऋण आवश्यकताओं, विशेष रूप से कृषि ऋणों के लिए व्यापक आधार पर ऋण कार्यक्रम संचालित कर सकेंगी. इसके साथ ही, इन सहकारी ऋण संस्थाओं को वास्तविक रूप से एक लोकतांत्रिक, सदस्य आधारित और आत्मनिर्भर संस्थान बनाने के लिए यह अपेक्षित है कि इसके सदस्यता आधार और सहकारी ऋण संस्थाओं के इक्विटी आधार को भी सदस्यों से शेयर पूंजी अंशदान संग्रहण से बढ़ाया जाए.
 
(ii) राज्य सरकारों द्वारा शेयर पूंजी अंशदान का वास्तविक आकलन
 
राज्य सरकारें विभिन्न संस्थाओं को उनके ऋण कार्यक्रम और नाबार्ड द्वारा निर्धारित पात्रता, राज्य सरकार की शेयर पूंजी अंशदान संबंधी सीमा आदि को ध्यान मे रखते हुए सहायता राशि के वास्तविक आंकलन के बाद शेयर पूंजी प्रदान करें.
 
6. राज्य सरकारें (निर्धारित प्रोफार्मा में) प्रतिपूर्ति के लिए पूर्ण रूप से भरे गए अपने आवेदन परिचालन अवधि के (अप्रैल 2020 - मार्च 2021) भीतर नाबार्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय मे प्रसतूत करें.
 
7. इस नीति की मुख्य बातें अनुबंध मे इंगित हैं.
8. कृपया इस परिपत्र की पावती हमारे क्षेत्रीय कार्यालय मे भिजवाएँ.