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वित्तीय समावेशन निधि से सहायता – पूर्वोत्तर क्षेत्र के बैंक शाखा रहित गाँवों में कियोस्क आउटलेट खोलने की योजना
 
1. शीर्षांकित विषय पर कृपया अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को संबोधित दिनांक 22 मार्च 2019 के हमारे परिपत्र सं.73 (प्रतिलिपि संलग्न) का अवलोकन करें. सलाहकार बोर्ड की 09 दिसंबर 2020 को आयोजित 27वीं बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार उक्त योजना में अब पूर्वोत्तर क्षेत्र के ग्रामीण सहकारी बैंकों को भी शामिल किया गया है. इस योजना के तहत, पूर्व के समान, माइक्रो एटीएम, कंप्यूटर / लैपटॉप, फर्नीचर की मदद से बीसी परिचालनों को सुगम बनाने की दृष्टि से कियोस्क की स्थापना के लिए पूँजी लागत हेतु सहायता दी जाएगी.
 
2. अप्रैल 2019 से अपनाई गई विभेदीकृत रणनीति के अंतर्गत पिछड़े जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इन्हें स्पेशल फोकस डिस्ट्रिक्ट (एसएफ़डी) की संज्ञा दी गई है. पूर्वोत्तर क्षेत्र स्थित राज्यों के सभी ज़िले इस श्रेणी में आते है. इसे देखते हुए इन जिलों के लिए सभी एजेंसियों (राज्य सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा ग्रामीण सहकारी बैंक) हेतु संशोधित सहायता लागू होगी जो वास्तविक लागत का 90% या ₹68000/- प्रति इकाई, इनमें से जो भी कम हो, होगी. 
 
3. यह संशोधित सहायता इस परिपत्र के जारी किए जाने की तिथि से लागू होगी. जिन बैंकों द्वारा (राज्य सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा ग्रामीण सहकारी बैंक) पहले ही अपने दावे प्रस्तुत किए जा चुके हैं, उनके दावों का निपटान पुरानी दरों से किया जाए और मामले को बंद माना जाए.
 
4. प्रत्येक राज्य में स्थित बैंक कियोस्क आउटलेट खोलें और वित्तीय सहायता हेतु अपना आवेदन अनुबंध-I में दिए गए प्रारूप में हमारे संबन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत करें. सहायता हेतु निबंधन और शर्तें अनुबंध-II में दी जा रही हैं. अनुदान सहायता प्रतिपूर्ति के आधार पर दी जाएगी.