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मौसमी कृषि परिचालनों के ऋण हेतु प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के वित्तपोषण हेतु वाणिज्या बैंकों कों नाबार्ड से पुनर्वित्त सहायता का प्रावधान - 2020-21
1.  जैसे कि आप जानते हैं, मौसमी कृषि परिचालनों के ऋण के लिए नाबार्ड द्वारा ऐसे क्षेत्रों में जहाँ मध्यवर्ती सहकारी बैंक कमजोर है अथवा समितियों को पर्याप्त रूप से ऋण देने की स्थिति में नहीं है, वहाँ मौसमी कृषि परिचालनों हेतु सीडेड पैक्स को ऋण वितरण के लिए अनुसूचित वाणिज्या बैंकों को अल्पावधि पुनर्वित्त सहायता प्रदान की जाती है. नाबार्ड द्वारा अनुसूचित वाणिज्या बैंकों कों नाबार्ड अधिनियम 1981 की धारा 21(1) और धारा 21(4) के तहत अल्पावधि ऋण सीमाएं मंजूर की जाएंगी. इसके लिए बैंकों  को प्रोमिसरी नोट प्रस्तुत करने होंगे और नाबार्ड द्वारा यथा वांछित लिखित  रूप में एक घोषणा पत्र देना होगा जिसमें बैंकों  को उन उद्देश्यों, जीने के लिए ऋण और अग्रिम दिये गए हैं, का विवरण तथा अन्य कारण देने होंगे. इसके परिणामस्वरूप पैक्स द्वारा अपने सदस्यों के मौसमी कृषि परिचालनों हेतु ऋण वितरण के लिए अनुसूचित वाणिज्या बैंक ऋण सीमाएं मंजूर करेंगे.
 
2.  पुनर्वित्त की मात्रा अनुसूचित वाणिज्या बैंकों द्वारा पैक्स के लिए वास्तविक ऋण वितरण कार्यक्रम (आरएलपी) का अधिकतम 40% होगी. अनुसूचित वाणिज्या बैंकों द्वारा आरएलपी की गणना अल्पावधि (मौकृप) ऋण सहायता देने के लिए पहचाने गए पैक्स द्वारा वितरित किए जाने वाले संभावित फ़सली ऋण के आकलन के आधार पर की जाएगी.
 
3.   अनुसूचित वाणिज्या बैंकों कों पुनर्वित्त 4.5% प्रति वर्ष की वर्तमान ब्याज दर पर उपलब्ध होगा, जोकि भविष्य में संशोधन की शर्त के आधीन है. रू 3.00 लाख तक के फ़सली ऋण के लिए अंतिम उधारकर्ता पर प्रभारित की जाने वाली ब्याज दर 7%  प्रति वर्ष  से अधिक नहीं होनी चाहिए. पैक्स के वित्तपोषण  के लिए अनुसूचित वाणिज्या बैंकों कों दी जाने वाली अलापवधि मौकृप ऋण सीमा पर लागू पात्रता मानदंडों आदि सहित नीतिगत दिशानिर्देश और नियम  एवं शर्तें अनुबंध I और II में दी गई हैं.
 
4.  कृपया इस पत्र की पावती दें.
भवदीय
(एल आर रामचन्द्रन)
मुख्य महाप्रबंधक
संलग्नक : यथोक्त