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वित्तीय समावेशन निधि (एफ़आईएफ़) से सहायता – रुपे किसान कार्ड को सक्रिय करने के लिए एटीएम और/ या माइक्रो एटीएम में ग्रीन पिन सुविधा के कार्यान्वयन हेतु योजना
 
1.  रुपे किसान कार्ड का एक्टिवेशन बहुत कम होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन का  प्रचार-प्रसार प्रभावित हुआ है. कार्ड के एक्टिवेशन में कमी का  सबसे बड़ा कारण यह है कि पिन मेलर की डिलिवरी में  काफी समय लग जाता है. 
 
2. कागज़ के पिन मेलरों के स्थान पर ग्रीन पिन सुविधा तैयार की गई है. इस सुविधा के माध्यम से कार्ड धारक, अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर अधिप्रमाणन के लिए भेजे गए ओटीपी के माध्यम से तत्काल अपना पिन निर्धारित कर सकते हैं. यह सुविधा सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के कार्डों तथा बार-बार गलत पिन डालने के कारण ब्लॉक हुए कार्डों के लिए उपयुक्त है.
 
3.  वित्तीय समावेशन निधि के अंतर्गत विभेदीकृत नीति के एक भाग के रूप में, ग्रीन पिन सुविधा के लिए सहायता (वित्तीय) शुरू की गई है. योजना से संबंधित विवरण निम्नानुसार है : 
 
i) योजना: योजना का नाम है - रुपे किसान कार्ड के एक्टिवेशन के लिए एटीएम और/ या माइक्रो एटीएम में ग्रीन पिन सुविधा के कार्यान्वयन की योजना. 
 
ii) उद्देश्य: योजना का उद्देश्य है बैंक के एटीएम और/ या माइक्रो एटीएम में ग्रीन पिन सुविधा लागू करने के लिए एकबारगी कार्यान्वयन और एप्लिकेशन विकास लागत की प्रतिपूर्ति करना. 
 
iii) पात्र संस्थाएँ: 
सभी लाइसेन्स प्राप्त ग्रामीण सहकारी बैंक (आरसीबी) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) जिन्होंने कोर बैंकिंग समाधान (सीबीएस) को लागू किया है और जो ग्रीन पिन सुविधा को पहले ही कार्यान्वित कर चुके हैं या जहाँ उक्त सुविधा के कार्यान्वयन की प्रक्रिया जारी है. 
 
iv) सहायता की मात्रा: 
प्रति बैंक 02 प्रकार के एटीएम तथा/ अथवा माइक्रो एटीएम के लिए ₹4.00 लाख की एकबारगी अनुदान सहायता अथवा वास्तविक व्यय की 90% राशि विशेष फोकस वाले जिलों (एसएफ़डी) के लिए; 80% राशि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए और 90% राशि अन्य जिलों के ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए, इनमें से जो भी कम हो, दी जाएगी.
अधिकतम दो तरह के मेक वाले एटीएम और/ अथवा माइक्रो एटीएम सहायता के लिए पात्र हैं. 
एक प्रकार की मेक वाले एटीएम अथवा माइक्रो एटीएम के लिए अधिकतम ₹2.00 लाख की सहायता दी जाएगी. 
 
v) सहायता के घटक: ग्रीन पिन सक्रिय करने के लिए एटीएम तथा/ अथवा माइक्रो एटीएम हेतु स्विच स्तर पर एकबारगी कार्यान्वयन और एप्लिकेशन विकास लागत. 
 
vi)अनुदान सहायता प्राप्त करने के लिए बैंकों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया:
बैंक द्वारा मंजूरी हेतु प्रस्ताव और दावा दिनांक 23 अप्रैल 2019 के परिपत्र सं. 105/ डीएफ़आईबीटी-04/ 2019 के अनुबंध III और
IV के अनुसार नाबार्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत किया जाए. 
 
जो बैंक योजना के अंतर्गत एफ़आईएफ़ अनुदान के लिए पहले बार आवेदन कर रहे हैं, वे, यदि दिनांक 20 मार्च 2018 के नाबार्ड के परिपत्र सं. 52/ डीएफ़आईबीटी-05/ 2018 के अनुसार नाबार्ड के साथ पहले करार निष्पादित न कर चुके हों, तो उसे निष्पादित करें.