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वित्तीय समावेशन निधि (एफ़आईएफ़) से सहायता – भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) पर ऑनबोर्डिंग के लिए योजना
 
1.  कृपया दिनांक 14 सितंबर 2018 के परिपत्र सं. 240/डीएफ़आईबीटी-37/2018 का अवलोकन करें जिसके माध्यम से ग्रामीण सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को बीबीपीएस प्लेटफार्म पर ऑनबोर्डिंग करने के लिए सूचित किया गया था ताकि ग्राहकों को ऑनलाइन बिल भुगतान सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
 
2. बैंकों को अपने ग्राहकों को ऑनलाइन यूटिलिटी भुगतान सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से वित्तीय समावेशन निधि की विभेदीकृत नीति के तहत बीबीपीएस प्लेटफार्म पर ऑनबोर्डिंग के लिए सहायता की योजना शुरू की गई है ताकि ग्राहक ऑनलाइन बिल भुगतान की सुविधा का अनुभव प्राप्त कर सकें.
 
3.  योजना से संबंधित विवरण निम्नानुसार है : 
 
i) योजना : योजना का नाम है - भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) पर ऑनबोर्डिंग हेतु सहायता के लिए योजना. 
ii) उद्देश्य: योजना का उद्देश्य है भारत बिल भुगतान परिचालन इकाई (बीबीपीओयू) के साथ बैंक के इंटीग्रेशन की एकबारगी लागत की प्रतिपूर्ति करना. 
iii) पात्र संस्थाएँ : 
सभी लाइसेन्स प्राप्त ग्रामीण सहकारी बैंक (आरसीबी) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) जिन्होंने कोर बैंकिंग समाधान (सीबीएस) को लागू किया है और जो पहले ही बीबीपीएस पर ऑनबोर्डिंग कर चुके हैं या जहाँ ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया जारी है.
iv) सहायता की मात्रा: 
प्रति बैंक ₹2.00 लाख की एकबारगी अनुदान सहायता अथवा वास्तविक व्यय की 90% राशि विशेष फोकस वाले जिलों (एसएफ़डी) के लिए; 80% राशि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए और 90% राशि अन्य जिलों के ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए, इनमें से जो भी कम हो, दी जाएगी.
v) सहायता के घटक : 
बीबीपीएस एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) का बैंक की ग्राहक परिचालन इकाई (सीओयू) द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले ज्योग्राफिकल यूजर इंटरफेस (जीयूआई) के साथ इंटीग्रेशन.
यह ध्यान दिया जा सकता है कि सभी लेनदेन बेहतर प्रशासन और समृद्ध ग्राहक अनुभव के लिए NPCI / BBPCU के माध्यम से रूट किया जाना चाहिए।
vi) अनुदान सहायता प्राप्त करने के लिए बैंकों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया :
बैंक द्वारा मंजूरी हेतु प्रस्ताव और दावा दिनांक 23 अप्रैल 2019 के परिपत्र सं. 105/ डीएफ़आईबीटी-04/ 2019 के अनुबंध III और IV के अनुसार नाबार्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत किया जाए. 
जो बैंक योजना के अंतर्गत एफ़आईएफ़ अनुदान के लिए पहले बार आवेदन कर रहे हैं, वे, यदि दिनांक 20 मार्च 2018 के नाबार्ड के परिपत्र सं. 52/ डीएफ़आईबीटी-05/ 2018 के अनुसार नाबार्ड के साथ पहले करार निष्पादित न कर चुके हों, तो उसे निष्पादित करें.