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दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डी ए वाई - एनआरएलएम) - योजनाबद्ध ऋण वितरण 2020-2021 के लिए पुनर्वित्त नीति
 
1.  कृपया 16 जनवरी 2020 के हमारे परिपत्र सं. 16 और 17 / डॉर – 5 और 6 / 2020) का संदर्भ लें जिसके साथ वर्ष 2019-20 के लिए निवेश ऋण पर पुनर्वित्त की नीति भेजी गई थी. अब यह निर्णय लिया गया है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार (संदर्भ सं. नाबार्ड, एमसीआईडी, प्रका. परिपत्र सं. 277 / एमसीआईडी – 03 / 2020 दिनांक 08 अक्टूबर 2020) द्वारा संचालित एनआरएलएम के तहत पहचाने गए 250 जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं राज्य सहकारी बैंकों द्वारा दिए गए ऋणों के समक्ष, नाबार्ड रियायती दर पर पुनर्वित्त उपलब्ध कराएगा.  चुने गए 250 जिलों में योजना के तहत पुनर्वित्त पर ब्याज की दर 4.50% प्रति वर्ष होगी बशर्ते कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/राज्य सहकारी बैंक सभी महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹ 3.00 लाख प्रति स्वयं सहायता समूह तक के ऋण 7.00% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर उपलब्ध कराता है.
 
2. पात्रता मानदण्ड, पुनर्वित्त की मात्रा, स्वत: पुनर्वित्त सुविधा जैसे अन्य मानदण्डों के साथ-साथ हमारी उपर्युक्त नीति दिनांक 13.04.2020 के परिपत्र में सूचित किए गए अन्य नियम एवं शर्तें अपरिवर्तित हैं.
 
3. पुनर्वित्त और उससे संबन्धित ब्याज की चुकौती मंजूरी पत्र में विनिर्दिष्ट चुकौती अनुसूची के अनुसार की जाए.  जहां तक मूलधन और/अथवा ब्याज की अदायगी में चूक होने पर दंड ब्याज का संबंध है, तो क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/राज्य सहकारी बैंक द्वारा चूक की धनराशि पर चूक की अवधि के लिए नाबार्ड को 10.25% प्रति वर्ष ब्याज देय होगा.
 
4. इस योजना के तहत आहरण आवेदन का प्रारूप संलग्न किया है. आपको सूचित किया जाता है कि उपर्युक्त योजना के तहत आहरण आवेदन हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत करें.
 
5.  योजना के तहत ब्याज सहायता के दावे वर्तमान अनुदेशों के अनुसार तिमाही आधार पर निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं.