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वित्तीय साक्षरता केंद्र (सीएफएल) परियोजना - परिवर्धन (स्केलिंग अप)
 
1.  वित्तीय समावेशन निधि के सलाहकार बोर्ड की दिनांक 09 दिसंबर, 2020 को आयोजित 27वीं बैठक में रु.58.60 करोड़ की परियोजना लागत के साथ 200 सीएफएल की परियोजना के परिवर्धन की स्वीकृति दी है. इस परिवर्धित परियोजना के तहत एक सीएफएल द्वारा 3 ब्लॉक हेतु सेवा प्रदान किए जाने की परिकल्पना की गई है. सीएफएल के परिचालन की सुविधा के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा तैयार मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) संलग्न है. 
 
2. भारतीय रिज़र्व बैंक में आधारित और उनके द्वारा अनुप्रवर्तित परिवर्धित (स्केल्ड अप) वित्तीय साक्षरता केंद्र (सीएफएल) परियोजना को 01 दिसंबर, 2021 से  कार्यान्वित करने के लिए आपके बैंक का चयन किया गया है. 
 
3. सीएफएल परियोजना के लिए वित्तीय समावेशन निधि (एफआईएफ) सहायता
 
वित्तीय समावेशन निधि के सलाहकार बोर्ड के अनुमोदन के अनुसार नाबार्ड इस परियोजना हेतु वित्तीय समावेशन निधि से पूंजीगत व्यय की एकबारगी प्रतिपूर्ति करेगा जो ₹5.00 लाख प्रति सीएफएल की सीमा तक होगी. साथ ही, इस योजना के तहत तीन वर्ष के लिए परिचालनगत व्यय भी उपलब्ध कराया जाएगा जो कुल परिचालनगत व्यय का 90% होगा. किंतु, यह राशि प्रति सीएफएल ₹8.10 लाख प्रति वर्ष से अधिक नहीं होगी. इसलिए, 
 
वित्तीय समावेशन निधि से कुल सहायता ₹29.30 लाख प्रति सीएफएल से अधिक नहीं होगी (एक वर्ष हेतु पूँजीगत व्यय + तीन वर्ष हेतु परिचालनगत व्यय). निधि सहायता की पद्धति निम्नानुसार होगी: