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विभेदीकृत दृष्टिकोण के अंतर्गत विशेष फोकस दिए जाने वाले जिलों (एसएफ़डी) की सूची में ऋण की कमी वाले जिलों को शामिल करना
 
कृपया विभिन्न प्रकार की भौतिक, आर्थिक और सामाजिक विशेषताओं के कारण विवश हुए पिछड़े  जिलों जिन्हें विशेष फोकस दिए जाने वाले जिले (एसएफ़डी) कहा जाता है ऐसे जिलों पर बल देने के लिए वित्तीय समावेशन के सहयोगों के लिए विभेदीकृत दृष्टिकोण से संबंधित दिनांक 23 अप्रैल 2019 के हमारे परिपत्र सं. 105/ डीएफ़आईबीटी-04/ 2019 का अवलोकन करें. 
 
 प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋणीकरण के प्रवाह में क्षेत्रीय विषमताओं का समाधान करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने प्रोत्साहक फ्रेमवर्क तैयार किया है. इस फ्रेमवर्क के अंतर्गत ऋण की कमी वाले जिलों के रूप में पहचान किए गए जिलों में ऋण प्रदान करने के लिए बैंकों को प्रोत्साहित किया जाता है. देश में ऐसे 184 जिले हैं जहाँ प्रति व्यक्ति प्राथमिकता प्राप्त ऋणीकरण ₹6,000 से कम है. वित्तीय समावेशन निधि के अंतर्गत अपनाई गई विभेदीकृत रणनीति के अंतर्गत एसएफ़डी की सूची में ऋण की कमी वाले 184 जिलों के समावेश से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित किए गए अनुसार ऋण सेवाओं की पहुँच में वृद्धि होगी. तदनुसार वर्तमान 314 एसएफ़डी जिलों के साथ कम पीएसएल वाले 184 जिलों की मैपिंग के बाद वित्तीय समावेशन निधि के अंतर्गत सहायता के लिए एसएफ़डी के रूप में नए 50 जिलों पर विचार किया जाएगा. 358 विशेष फोकस दिए जाने वाले जिलों की संशोधित सूची आपके सुलभ संदर्भ और आवश्यक कार्रवाई के लिए संलग्न की गई है. 
 
इस परिपत्र की जारी होने की तारीख से यह प्रभावी माना जाएगा. चालू सभी परियोजनाएँ, इस परिपत्र की तारीख से पहले मंजूर परियोजनाएँ दिनांक 23 अप्रैल 2019 के परिपत्र सं. 105/ डीएफ़आईबीटी-04/ 2019 में निहित मंजूरी संबंधी निबंधनों और शर्तों द्वारा अभिशासित की जाएंगी.