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विशेष तरलता सुविधा -2 (एसएलएफ़-2) के तहत एनबीएफ़सी-एमएफ़आई के लिए पुनर्वित्त
 
1. कोविड-19 महामारी की वजह से  पिछले एक वर्ष के दौरान अभूतपूर्व समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं. ऐसे में  नाबार्ड ने इन समस्याओं को कम करने और वित्तीय संस्थानों के लिए अबाधित ऋण  प्रवाह  बनाए रखने के लिए कई उपाय किए हैं, ताकि समाज में ऋण की पहुँच से वंचित तबके के लोग अपनी ऋण आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें.  जैसा कि आप जानते हैं, भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय संस्थानों की तरलता बढ़ाने के लिए कदम उठाया है और  दिनांक 07 अप्रैल 2021 के अपने पत्र के माध्यम से एसएलएफ़-2 के तहत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों, एससीएआरडीबी, एसएफ़बी  और एनबीएफ़सी-एमएफ़आई को पुनर्वित्त प्रदान करने के लिए रु .25000 करोड़ का आवंटन किया है.
 
2. तदनुसार, दिनांक 12 अप्रैल 2021 के हमारे परिपत्र सं. 66/ डोर-17/2021  के द्वारा जारी पुनर्वित्त नीति संबंधी दिशानिर्देशों के आधार पर विशेष तरलता सुविधा -2 (एसएलएफ -2) के तहत एनबीएफ़सी-एमएफ़आई को पुनर्वित्त उपलब्ध काराया जाएगा. 
 
3. चूंकि भारतीय रिजर्व बैंक से प्रदत्त एसएलएफ़-2, नाबार्ड द्वारा प्रथम आहरण की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए है और इसे इस अवधि भीतर चुकाया जाना है, अतः अपने निधियों की वृद्धि के माध्यम से इस सुविधा के लिए चुकौती अवधि 18 महीने की अवधि की मीयादी ऋण के रूप में होगी. एनबीएफसी-एमएफआई को एलटी पुनर्वित्त के तहत उधार की राशि के लिए  शेष  अवधि  में आनुपातिक राशि की चुकौती करनी होगी और पुनर्वित्त की शेष राशि की चुकौती मंजूरी पत्र में दी गई अदायगी अनुसूची के अनुसार एक या एक से अधिक किश्तों में करनी होगी. 
 
4. इस सुविधा के तहत समय-समय पर अलको द्वारा निर्धारित दर पर ब्याज प्रभारित किया जाएगा. वर्तमान में एसएलएफ़-2 सुविधा के तहत उपलब्ध निधियों के लिए  रेपो रेट + 300 बीपीएस और  लागू जोखिम प्रीमियम के आधार पर ब्याज लगाया जाएगा.  नाबार्ड के अपने संसाधनों से प्रदत्त शेष पुनर्वित्त की राशि पर सामान्य उधार के लिए प्रभारित दर के अनुसार ब्याज लगाया  जाएगा.  
 
5. पुनर्वित्त प्रस्ताव नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएँ, जहां एनबीएफ़सी-एमएफ़आई का कॉर्पोरेट / प्रधान कार्यालय स्थित है.
 
6. यह परिपत्र नाबार्ड की वेबसाइट www.nabard.org पर टैब सूचना केंद्र के तहत भी उपलब्ध है.
 
7. कृपया प्राप्ति सूचना दें.