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बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949(एएसीएस) में संशोधन- धारा 9
 
बाहय परिपत्र सं. 122/ डॉस -11/ 2021          04 जून 2021
सं. राबै.डॉस. प्रका. पॉलिसी/ 505/पी -77/ 2021-22
 
प्रबंध निदेशक/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी,
 
    सभी राज्य सहकारी बैंक / सभी जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक  
 
प्रिय महोदय / महोदया 
 
बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949(एएसीएस) में संशोधन- धारा 9 
 
आपको विदित है कि बैंककारी विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 के पारित होने के साथ वर्ष 2020 में इस अधिनियम में भारतीय संसद द्वारा संशोधन किया गया है. यह संशोधित अधिनियम ग्रामीण सहकारी बैंकों पर 01 अप्रैल 2021 से प्रभावी है. 
 
2. बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की संशोधित धारा 9 के अनुसार 'गैर-बैंकिंग आस्तियों के निपटान' में अधिदेश दिया गया है कि कोई बैंकिंग कंपनी किसी भी प्रकार से अधिग्रहित कोई अचल परिसंपत्ति नहीं रखेगी, सिवाय इसके कि वह अपने उपयोग के लिए आवश्यक हो, इसके अधिग्रहण के सात साल से अधिक की अवधि के लिए नहीं रख सकती है, बशर्ते कि बैंकिंग कंपनी उपर्युक्त डील या ट्रेड के सात साल की अवधि के भीतर उस परिसंपत्ति का निपटान कर दे. इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक किसी विशेष मामले में उपर्युक्त सात साल की अवधि को अधिकतम पाँच साल के लिए आगे बढ़ा सकता है, जब वह इस बात से संतुष्ट हो  कि यह अवधि विस्तार बैंकिंग कंपनी के जमाकर्ताओं के हित में होगा.
 
3. उपर्युक्त बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (एएसीएस) की संशोधित धारा 9 के प्रावधानों को नोट कर लिया जाए और उक्त संशोधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन हेतु आपके स्तर पर यथापेक्षित कदम उठाया जाए. 
 
4. कृपया इस परिपत्र की प्राप्ति सूचना हमारे संबन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को दें. 
 
             भवदीय 
       ह/-
(के एस रघुपति)
मुख्य महाप्रबंधक