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मौसमी कृषि परिचालन (एसएओ) के वित्तपोषण के लिए राज्य सहकारी बैंकों को अल्पावधि (एसटी) पुनर्वित्त का प्रावधान - वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए नीति

कृपया दिनांक 11 अगस्त 2020 का हमारा परिपत्र संख्या 218/डॉर-73/2020 देखें जिसके माध्यम से नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 21(1) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) को मौसमी कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए पात्र जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के लिए पुनर्वित्त के प्रावधान पर नाबार्ड की नीति संप्रेषित की गई थी. अब, हम आपको सूचित करते हैं कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अल्पावधि (एसएओ) नीति को अंतिम रूप दे दिया गया है और जिसका ब्यौरा अनुबंध I में दिया गया है.

2. राज्य सहकारी बैंकों को नाबार्ड पुनर्वित्त पर ब्याज दर 4.5% प्रति वर्ष होगी (भारत सरकार द्वारा परिवर्तन के अधीन, यदि कोई हो), यदि राज्य में अल्पावधि सहकारी ऋण संरचना अपनी सहभागिता के साथ प्रति उधारकर्ता/किसान को 7% प्रतिवर्ष या उससे कम की दर से 3.00 लाख रुपये तक का फसल ऋण प्रदान करती है. बैंक को अनुबंध II के अनुसार इस संबंध में एक वचन-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है. एसटीसीबी/डीसीसीबी को केसीसी से संबंधित मासिक प्रगति की रिपोर्ट भी एन्श्योर पोर्टल पर देनी है.

3. कृपया संबद्ध जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को सूचना दें कि वे उधार लेने वाले सदस्यों को रुपे कार्ड जारी करके केसीसी योजना के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करें.

4. वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए, आपके बैंक हेतु पुनर्वित्त आबंटन के बारे में हमारे क्षेत्रीय कार्यालय (आरओ) द्वारा आपको अलग से सूचित किया जाएगा. सभी पात्र 3 स्तरीय संरचना वाले जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों की ओर से और 2 स्तरीय संरचना वाले राज्य सहकारी बैंक की ओर से आप समेकित ऋण सीमा की मंजूरी के लिए निर्धारित प्रोफार्मा में भरकर अपना आवेदन पहले आहरण के साथ नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत कर सकते हैं.

5. कृपया इस पत्र की प्राप्ति सूचना हमारे क्षेत्रीय कार्यालय को दें.

अनुबंध-I

मौसमी कृषि परिचालनों के वित्तपोषण के लिए नाबार्ड द्वारा राज्य सहकारी बैंकों को अल्पावधि पुनर्वित्त का प्रावधान - वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए नीति

1.अल्पावधि (मौ.कृ.प.) सीमा की परिचालन अवधि

वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अल्पावधि (मौसमी कृषि परिचालन) सीमा की परिचालन अवधि 01.04.2021 से 31.03.2022 तक होगी. केवल परिचालन अवधि के दौरान संवितरित फसल ऋण के लिए राज्य सहकारी बैंक को अल्पावधि (मौसमी कृषि परिचालन) पुनर्वित्त प्रदान किया जाएगा.

2. समेकित सीमा की मंजूरी

क)अल्पावधि (मौसमी कृषि परिचालन) के अंतर्गत समेकित सीमा निम्नलिखित के लिए मंजूर की जाएगी:

i.3 टीयर स्ट्रक्चर में पात्र जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों की ओर से राज्य सहकारी बैंक.

ii.2 टीयर स्ट्रक्चर के मामले में या कमजोर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों (जो पैक्स का वित्तपोषण करने की स्थिति में नहीं हैं) के मामले में पात्र राज्य सहकारी बैंक.

ख)राज्य सहकारी बैंक को यह ऋण सीमा नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 21(4) के साथ पठित धारा 21(1)(i) के अंतर्गत रास बैंक द्वारा निष्पादित डीपीएन के समक्ष मंजूर की जाएगी.
ग)राज्य सहकारी बैंक को प्रत्येक आहरण के समय लिखित रूप में यह घोषणा करनी है कि प्रस्तावित आहरण और पहले से प्राप्त पुनर्वित्त (मौसमी कृषि परिचालनों) के वित्तपोषण के लिए राज्य सहकारी बैंक द्वारा 3 टीयर स्ट्रक्चर में पात्र जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को/2 टीयर स्ट्रक्चर में राज्य सहकारी बैंक की शाखाओं को प्रदान किए गए ऋणों के समक्ष है और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक/राज्य सहकारी बैंक के स्तर पर पैक्स के समक्ष बकाया पर्याप्त अनतिदेय ऋणों से कवर किए गए हैं. बैंकों को नाबार्ड को नियमित आधार पर भौतिक रूप में या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एनओडीसी विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक है.
घ)राज्य सहकारी बैंक के पक्ष में जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों द्वारा निष्पादित टीपीएन नाबार्ड के पक्ष में परांकित करना जारी रहेगा और राज्य सहकारी बैंक परांकित टीपीएन को नाबार्ड के एजेंट के रूप में अपने पास रखेगा.

3.राज्य सहकारी बैंक/मध्यवर्ती सहकारी बैंक के लिए पात्रता मानदंड

3.1 लेखा परीक्षा

वर्ष 2019-20 के लिए राज्य सहकारी बैंक/जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों की लेखा परीक्षा पूरी हो जानी चाहिए और वित्तीय विवरणों के साथ संबंधित लेखा परीक्षा रिपोर्ट नाबार्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को प्राप्त हो चुकी हो. इसके अलावा, 31.03.2021 तक राज्य सहकारी बैंक की लेखा परीक्षा पूरी हो चुकी हो और 30.09.2021 तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी हो. 01.10.2021 को या उसके बाद, केवल उन्हीं राज्य सहकारी बैंकों को उन जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के समक्ष मंजूरी और आहरण की अनुमति दी जाएगी, जिन्होंने वर्ष 2020-21 के लिए लेखा परीक्षा पूरी कर ली है और संबंधित लेखा परीक्षा रिपोर्ट नाबार्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत कर दी है.

3.2 लाइसेंसिंग और सीआरएआर मानदंडों का अनुपालन

सभी लाइसेंस प्राप्त राज्य सहकारी बैंक (अनुसूचित/ गैर-अनुसूचित) और लाइसेंस प्राप्त मध्यवर्ती सहकारी बैंक जो सीआरएआर की नीचे दी गई शर्तों को पूरा करते हैं, वे अल्पावधि (मौसमी कृषि परिचालन) के अंतर्गत पुनर्वित्त के लिए पात्र होंगे.

3.3 अनुसूचित राज्य सहकारी बैंकों और संबद्ध मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के लिए सीमाएं

3.3.1 31.03.2020 की स्थिति में, केवल 9% और उससे अधिक के सीआरएआर वाले राज्य सहकारी बैंक/जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ही ऋण सीमा की मंजूरी के लिए पात्र होंगे.

3.3.2 यदि राज्य सहकारी बैंक का सीआरएआर 9% और उससे अधिक है किन्तु किसी एकल मध्यवर्ती सहकारी बैंक का सीआरएआर 9% से कम है तो ऐसे मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के लिए कोई ऋण सीमा उपलब्ध नहीं होगी.

3.3.39% से कम सीआरएआर वाले राज्य सहकारी बैंकों और 9% से अधिक सीआरएआर वाले मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के मामले में, सरकारी गारंटी या सरकार द्वारा अनुमोदित प्रतिभूतियों/अनुसूचित बैंकों की सावधि जमा रसीदों को गिरवी रखने पर मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को सीधे ऋण सीमा मंजूर की जाएगी. मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को प्रत्यक्ष पुनर्वित्त प्रदान करने के संबंध में दिनांक 09.09.2011 के हमारे परिपत्र संख्या 172 द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें.

3.4 उपर्युक्त सीआरएआर मानदंडों को पूरा करने वाले गैर-अनुसूचित राज्य सहकारी बैंक नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 21(3)(ए) के अधीन सरकार गारंटी अथवा उक्त अधिनियम की धारा 21(2)(i) के अधीन सकरी/अनुमोदित प्रतिभूतियों की गिरवी और/अथवा उक्त अधिनियम की धारा 33 अधीन अनुसूचित बैंकों की मीयादी जमा रसीदों की गिरवी के समक्ष ऋण सीमाओं की मंजूरी के लिए पात्र होंगे.

3.5 अनर्जक आस्तियों के लिए मानदंड NPA Norm

अन्य बातों के साथ साथ, पुनर्वित्त की पात्रता 31.03.2020 की स्थिति में राज्य सहकारी बैंकों की निवल एनपीए की स्थिति पर आधारित होगी. जिन बैंकों का निवल एनपीए, निवल ऋणों और बकाया अग्रिमों के 12% से अधिक नहीं है, वे पुनर्वित्त के लिए पात्र होंगे. पूर्वोत्तर क्षेत्र, जम्मू और कश्मीर, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित राज्य सहकारी बैंकों के लिए निवल एनपीए मानदंडों में छूट प्रदान की गई है और इसे निवल ऋण और बकाया अग्रिम का 15% कर दिया गया है.

3.5.1 01 अप्रैल 2021 से 30 सितंबर 2021 के दौरान पात्रता मानदंडों का निर्धारण 31.03.2020 या 31.03.2021 (यदि 31.03.2021 को लेखा परीक्षित स्थिति उपलब्ध है) के अनुसार उनकी लेखापरीक्षित वित्तीय स्थिति के अनुसार किया जाएगा. 01 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक के लिए पात्रता मानदंडों का निर्धारण 31.03.2021 को उनकी लेखा परीक्षित वित्तीय स्थिति के अनुसार किया जाएगा. 01.10.2021 को या उसके बाद पुनर्वित्त की स्वीकृति और आहरण की अनुमति केवल उन्हीं राज्य सहकारी बैंकों/जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को दी जाएगी, जिन्होंने अपनी लेखापरीक्षा पूरी कर ली है और नाबार्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को संबंधित लेखापरीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है.

3.5.2 सांविधिक लेखापरीक्षा रिपोर्ट में इंगित सीआरएआर और एनपीए की स्थिति पात्रता का आधार बनेगी. हालांकि, लेखापरीक्षा रिपोर्ट और नाबार्ड की निरीक्षण रिपोर्ट के बीच किसी भी भिन्नता की स्थिति में, पात्रता निर्धारित करने के लिए नाबार्ड की निरीक्षण रिपोर्ट को आधार माना जाएगा. बैंक के नियंत्रण से परे किसी भी कारण से यदि बैंक पात्रता मानदंडों को पूरा करने में असमर्थ है, तो नाबार्ड पर्याप्त सुविधा/प्रतिभूति के साथ कमतर पात्रता मानदंडों पर विचार कर सकता है.

3.5.3राज्य सहकारी बैंक की पात्रता के उद्देश्य से निवल एनपीए स्थिति की गणना, राज्य सहकारी बैंक की शाखाओं के स्तर पर न करते हुए राज्य सहकारी बैंक के स्तर पर की जाएगी. पात्रता के उद्देश्य से, जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को सीधे पुनर्वित्त प्रदान करने के मामले में भी, निवल एनपीए स्थिति की गणना जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के स्तर पर ही की जाएगी न कि जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों की शाखाओं के स्तर पर.

4.पुनर्वित्त की मात्रा

4.1 पुनर्वित्त की सामान्य मात्रा निम्नानुसार रहेगी:
एसटीसीबी का निवल एनपीए पात्र सीमा
[पात्र मध्यवर्ती सहकारी बैंकों/राज्य सहकारी बैंकों के वास्तविक ऋण कार्यक्रम (आरएलपी) के प्रतिशत के रूप में]
6% तक 40%
6% से ऊपर और 10% तक 35%
10% से ऊपर और 12% तक 30%
12% से ऊपर पात्र नहीं
4.2पूर्वोत्तर क्षेत्र, जम्मू और कश्मीर, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में राज्य सहकारी बैंक निवल एनपीए में छूट के साथ 20% के अतिरिक्त पुनर्वित्त के लिए निम्नानुसार पात्र होंगे:
एसटीसीबी का निवल एनपीए पात्र सीमा
[पात्र मध्यवर्ती सहकारी बैंकों/राज्य सहकारी बैंकों के वास्तविक ऋण कार्यक्रम (आरएलपी) के प्रतिशत के रूप में]
10% तक 60%
10% से ऊपर और 15% तक 55%
15% से ऊपर पात्र नहीं
4.3पूर्वी क्षेत्र अर्थात् बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ राज्यों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों (भारत सरकार की बीजीआरईआई योजना के तहत) में राज्य सहकारी बैंक पुनर्वित्त की लागू सामान्य मात्रा से 5% अधिक अतिरिक्त पुनर्वित्त के लिए निम्नानुसार पात्र होंगे:
एसटीसीबी का निवल एनपीए पात्र सीमा
[पात्र मध्यवर्ती सहकारी बैंकों/राज्य सहकारी बैंकों के वास्तविक ऋण कार्यक्रम (आरएलपी) के प्रतिशत के रूप में]
6% तक 45%
6% से ऊपर और 10% तक 40%
10% से ऊपर और 15% तक 35%
15% से ऊपर पात्र नहीं
4.4 वर्ष 2021-22 के लिए वास्तविक ऋण कार्यक्रम (आरएलपी) की गणना पिछले तीन वर्षों के दौरान संवितरित फसल ऋण में हुई औसत वृद्धि दर (पिछले चार वर्षों में संवितरित फसल ऋणों के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए) के आधार पर की जा सकती है. हालांकि, जमीनी स्तर की वास्तविकताओं और अन्य तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, यदि कोई हो, नाबार्ड ऐसे आरएलपी को स्वीकार कर सकता है जो राज्य सहकारी बैंक द्वारा निर्धारित आरएलपी से कम या अधिक हो.

5. उप-सीमाओं की मंजूरी

वित्तीय वर्ष के दौरान नाबार्ड द्वारा अल्पावधि (मौ.कृ.प.) ऋण-सीमा के अंतर्गत, नीचे दी गई गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए अलग उप-सीमा मंजूर की जाएगी:

(क) अन्य फसलों की खेती (ओसी)

(ख) चिन्हित जिलों में राष्ट्रीय तिलहन और पाम ऑयल मिशन (एनएमओओपी- तिलहन) के अंतर्गत तिलहन की खेती,

(ग) चिन्हित जिलों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत दलहन की खेती - दलहन (एनएफएसएम - दलहन) और

(घ) जनजातीय समुदाय विकास (डीटीपी) के तहत जनजातीय वर्ग की उत्पादन संबंधी ऋण आवश्यकताएं.

तदनुसार, राज्य सहकारी बैंक को मंजूर की जाने वाली समेकित सीमा को संबंधित उद्देश्यों के लिए मध्यवर्ती सहकारी बैंकवार वास्तविक ऋण कार्यक्रम के आधार पर एसएओ-ओसी, एसएओ-एनएमओओपी, एसएओ-एनएफएसएम (दलहन) और एसएओ-डीटीपी के लिए उप-सीमा में बांटा किया जाएगा.

6.पुनर्वित्त पर ब्याज की दर

6.1वर्ष 2021-22 के दौरान, पुनर्वित्त पर ब्याज की दर 4.5% प्रति वर्ष होगी जो भारत सरकार द्वारा किए जाने वाले किसी भी संशोधनों के अधीन, होगी. ब्याज की यह दर 01.04.2021 से आहरित पुनर्वित्त पर लागू होगी. ब्याज पहले की तरह 01 अक्टूबर और 01 अप्रैल को छमाही अंतराल पर देय होगा. बैंक को इस संबंध में अनुबंध के अनुसार वचनपत्र प्रस्तुत करना होगा.

6.2रियायती पुनर्वित्त केवल उन्हीं राज्य सहकारी बैंकों को उपलब्ध होगा जो अपनी सहभागिता सहित राज्य की अल्पावधि सहकारी ऋण संरचना द्वारा प्रति उधारकर्ता रु.3.00 लाख तक के फ़सली ऋण 7% प्रति वर्ष अथवा इससे कम दर पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए सहमत हैं.

7.परिचालनात्मक अनुशासन

7.1आहरण और चुकौती

ऋण-सीमा के समक्ष आहरित राशि मांग करने पर चुकानी होगी है. तथापि, ऋण-सीमा पर प्रत्येक आहरण को एक अलग ऋण के रूप में माना जाएगा और जिसे आम तौर पर आहरण की तारीख से 12 महीने की अवधि में चुकाया जाएगा. नाबार्ड द्वारा 12 महीने की समाप्ति से पहले चुकौती (पूर्ण अथवा आंशिक रूप से) न्यूनतम 15 कार्य-दिवसों के नोटिस या मूलधन के साथ 15 दिनों के ब्याज भुगतान के साथ स्वीकार किया जा सकती है. तथापि, यदि आहरण की तिथि से 30 दिन के बाद चुकौती की जाती है तो नोटिस अवधि में छूट दी जा सकती है.

7.2 अनतिदेय कवर

पूर्व की भांति स्वीकृत सीमा पर नाबार्ड द्वारा राज्य सहकारी बैंक को पात्र मध्यवर्ती सहकारी बैंकों, जिन पर राज्य सहकारी बैंक के उधार बकाया हैं, के संबंध में समग्र अनतिदेय कवर (सभी उप-सीमाओं के तहत उपलब्ध) के आधार पर आहरण की अनुमति दी जाएगी. तथापि बैंकों को अनतिदेय कवर का अनुप्रवर्तन उप-सीमा वार करना होगा, किन्तु किसी उप-सीमा में अनतिदेय कवर में कमी होने के मामले में, यदि समग्र रूप से अनतिदेय कवर उपलब्ध है, तो कोई अतिरिक्त ब्याज प्रभारित नहीं किया जाएगा. राज्य सहकारी बैंकों को मध्यवर्ती सहकारी बैंकवार स्थिति को दर्शाते हुए मासिक रूप से अनतिदेय कवर विवरण आगामी माह की 20 तारीख तक भौतिक अथवा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजना होगा.
प्रत्येक आहरण के समय, आहरण की तिथि को, कुल अनतिदेय कवर की उपलब्धता के संबंध में बैंक को निर्धारित प्रारूप में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा. इसके अलावा, बैंकों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दिन, कुल सामान्य अल्पावधि (मौ.कृ.प.) बकाया और अतिरिक्त अल्पावधि (मौ.कृ.प.) बकाया उस तारीख को उपलब्ध कुल अनतिदेय कवर से अधिक न हों.

7.3 अनतिदेय कवर में कमी होने पर अतिरिक्त ब्याज

राज्य सहकारी बैंक को अनतिदेय कवर में कमी को, यदि कोई हो, पूरा करना होगा. यदि राज्य सहकारी बैंक ऐसी कमी को एक महीने के भीतर पूरा करने में विफल होता है, तो संबंधित राज्य सहकारी बैंक को इस तरह की कमी के होने की तारीख से अनतिदेय कवर में कमी की राशि पर, कमी की अवधि के लिए 1% का अतिरिक्त ब्याज कमी के पूरा होने की तिथि तक देना होगा.

7.4 बकाया ऋण में मूलधन और ब्याज को अलग-अलग रखना

राज्य सहकारी बैंक बकाया राशि में से ब्याज घटक (अतिदेय/अनतिदेय ब्याज) को अलग रखें और नाबार्ड से पुनर्वित्त सहायता की पात्रता तय करने के लिए, ऋण-सीमा और आहरण आवेदन दोनों के लिए अपने आवेदनों में केवल मूल ऋण राशि का उल्लेख करें. इसी प्रकार, मासिक अनतिदेय कवर विवरणों में ऋण के केवल मूलधन के अंश (जारी, वसूली गई राशि, बकाया और अतिदेय) की सूचना दी जाए.

7.5 जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों द्वारा राज्य सहकारी बैंकों के प्रति चूक

यदि अल्पावधि (मौसमी कृषि परिचालन) के अंतर्गत कोई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक लगातार 3 महीने से अधिक की अवधि के लिए राज्य सहकारी बैंक के प्रति चूक करता है, तो संबंधित राज्य सहकारी बैंक को उस जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की सीमा को परिचालित करने की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक कि चूक को दूर न किया जाए.

7.6 चूक को दूर करना

जो राज्य सहकारी बैंक निर्धारित देय तिथियों तक मूलधन, ब्याज और/या किसी अन्य देय राशि के भुगतान में नाबार्ड के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने में विफल रहते हैं, वे उस चूक के दूर होने तक नाबार्ड से किसी भी पुनर्वित्त सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे. मूलधन के पुनर्भुगतान और/या ब्याज के भुगतान में चूक की स्थिति में, बैंक चूक की स्थिति में नाबार्ड को 10% प्रति वर्ष की दर से चूक की अवधि के लिए ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा और यह राशि चूक की अवधि तक देय होगी. दंडात्मक ब्याज दरें समय-समय पर संशोधन के अधीन हैं.

7.7 निरीक्षण का अधिकार

नाबार्ड बैंक (राज्य सहकारी बैंक/जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक) के बही-खातों का निरीक्षण करने/करवाने का अधिकार सुरक्षित रखता है.

7.8 विशेष लेखा परीक्षा करवाने का अधिकार

नाबार्ड के पास स्वयं या अन्य एजेंसियों के माध्यम से सहकारी बैंकों (राज्य सहकारी बैंक/पात्र जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों) के खातों और अन्य प्रासंगिक सामग्री की विशेष लेखा परीक्षा कराने का अधिकार होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बैंक द्वारा खातों और अन्य प्रासंगिक सामग्री को नियम और विनियमों के अनुसार बनाए रखा जाता है और पुनर्वित्त के नियमों और शर्तों का पालन किया जाता है.

7.9अधिक आहरण

फसल ऋण संवितरण या एनओडीसी के बारे में गलत डेटा की रिपोर्टिंग के कारण पुनर्वित्त की अनुमेय सीमा से अधिक आहरण के मामले पर नाबार्ड गंभीरता से विचार करेगा. ऐसे मामलों में, नाबार्ड बैंक द्वारा लिए गए अतिरिक्त पुनर्वित्त को 3 दिनों के भीतर 1% प्रति वर्ष के दंडात्मक ब्याज के साथ वापस माँग सकता है.

8. सीमा का अंतिम-उपयोग

निधियों में परिवर्तन, ब्याज सहायता/फसल ऋण के दुरूपयोग को टालने और स्वीकृत प्रयोजन के लिए निधियों के उचित अंतिम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को सूचित किया गया है कि वे दिनांक 20 अगस्त 2015 के हमारे परिपत्र सं. 175/डॉर-47/2015 में निहित निर्देशों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि इन निर्देशों का अनुपालन किया जाता है.

9. विवरणियाँ

एसटीआरआरसी के दिशानिर्देशों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मांगी गई निधि की जानकारी संबंधित तिमाही के पूरा होने के बाद 07 दिनों के भीतर संलग्न निर्धारित प्रारूप (अनुलग्नक-III) में तिमाही आधार पर नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को प्रस्तुत की जाए.

अनुबंध II

राज्य सहकारी बैंकों से उनके लेटरहेड पर लिया जाने वाला वचन-पत्र

मुख्य महाप्रबंधक / महाप्रबंधक
नाबार्ड

क्षेत्रीय कार्यालय

प्रिय महोदय

हमें यह विदित है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान अल्पावधि (मौ.कृ.प.) के लिए नाबार्ड द्वारा प्रदान की गई पुनर्वित्त पर ब्याज दर 4.5% प्रति वर्ष है जो भारत सरकार/भारतीय रिजर्व बैंक/नाबार्ड द्वारा समय-समय पर परिवर्तन, यदि कोई हो, के अधीन है. हमें यह भी विदित है कि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई ब्याज सहायता की सुविधा भी समय-समय पर परिवर्तन के अधीन है.

हम समय-समय पर भारत सरकार/भारतीय रिजर्व बैंक/नाबार्ड द्वारा किए गए परिवर्तनों, यदि कोई हो, का पालन करेंगे.

सधन्यवाद,

आपका विश्वासी,

नाम

पदनाम : मुख्य कार्यपालक अधिकारी/प्रबंध निदेशक/महाप्रबन्धक

दिनांक

अनुबंध -III

30 सितंबर/31 दिसंबर/31 मार्च को समाप्त तिमाही

राज्य बैंक का नाम औसत ऋण राशि (रु.लाख में) प्रभारित ब्याज दर प्रभारित प्रसंस्करण शुल्क (रुपए)