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कृषि के लिए निवेश ऋण हेतु दीर्घावधि पुनर्वित्‍त सहायता - दीर्घावधि ग्रामीण ऋण निधि 2021-22 (एलटीआरसीएफ) – राज्‍य सहकारी बैंक (रास बैंक)

जैसा कि आप जानते हैं, रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा सहायता प्राप्त कृषि गतिविधियों की दीर्घकालिक निवेश ऋण जरूरतों को पूरा करने के लिए 2021-22 के लिए एलटीआरसीएफ के तहत निधियों का आंबटन किया है.

2. नाबार्ड से दिये जाने वाले पुनर्वित्त पर ब्याज दर 2.90% होगी (तिमाही अंतराल पर) जो समय-समय पर नाबार्ड द्वारा किए जाने वाले संशोधनों के अधीन होगी. बैंक, अंतिम उधारकर्ता को ब्याज दर लाभ उपलब्ध करवा सकते हैं.

3. उक्त परिपत्र नाबार्ड की वेबसाइट www.nabard.org पर सूचना केंद्र के अंतर्गत भी उपलब्ध है.

4. कृपया पावती दें.

दीर्घावधि ग्रामीण ऋण निधि 2021-22 (एलटीआरसीएफ)

1.भूमिका

वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दुगुनी करने के लिए कृषि और अनुषंगी गतिविधियों से आमदनी बढ़ाने के लिए हमें किसान कल्‍याण को प्राथमिकता देते हुए एक ऐसे वातावरण का निर्माण करना होगा जिसमें सभी किसानों को वाजिब ब्‍याज दर पर ऋण उपलब्‍ध हो सके. इससे स्‍वयं संधारणीय और गतिशील ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था का निर्माण होगा.

कृषि उत्‍पादन और उत्‍पादकता में वृद्धि के लिए कृषि में पूंजी निर्माण महत्‍वपूर्ण है. इससे किसानों का जलवायु की अनिश्चितता और जलवायु परिवर्तन से बचाव भी होगा और उन्‍हें स्‍थायी आमदनी होगी. इसके अलावा, अनुषंगी गतिविधियों में पूंजी निर्माण से किसानों को सतत आमदनी मिलेगी और उनकी अनुकूलन क्षमता बढ़ेगी.

दीर्घावधि निवेश ऋण को बढ़ावा देने के लिए केवल सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को कृषि गतिविधियों के लिए दीर्घावधि निवेश ऋण हेतु पुनर्वित्‍त उपलब्‍ध कराने के लिए भारत सरकार ने नाबार्ड में ‘‘दीर्घावाधि ग्रामीण ऋण निधि’ की स्‍थापना की.

इस योजना की मुख्‍य विशेषताएं और पुनर्वित्‍त प्रदान करने के महत्‍वपूर्ण निबंधन व शर्तें निम्‍नानुसार हैं:

2.पात्र संस्‍थाएं

नाबार्ड से पुनर्वित्‍त सुविधा प्राप्‍त करने के लिए पात्र सभी राज्य सहकारी बैंक इस ऋण सीमा के अंतर्गत पुनर्वित्‍त के पात्र होंगे बशर्ते वे नाबार्ड द्वारा समय-समय पर पुनर्वित्‍त के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों.

3.पात्रता मानदंड एवं पुनर्वित्त की प्रमात्रा

12 अप्रैल 2021 के हमारे परिपत्र सं. 60/पुनर्वित्‍त – 11/2021 में उल्लिखित पुनर्वित्‍त संबंधी हमारे नीतिगत दिशानिर्देशों में दिए गए पात्रता मानदंड व प्रमात्रा लागू होंगे.

हालाँकि, बैंकों द्वारा प्राथमिकता वाले क्षेत्र में ऋण के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के अनुसार नाबार्ड, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए एलटीआरसीएफ़ के तहत 25% धनराशि चिन्हित जिलों के लिए आवंटित करेगा जहाँ ऋण प्रवाह तुलनात्मक रूप से कम है (जिलों की सूची संलग्न है). इन चिन्हित जिलों में ऋण उपयोग की निगरानी नाबार्ड द्वारा की जाएगी.

4.शामिल गतिविधियां

कृषि क्षेत्र (एनआरएलएम/ब्‍याज सहायता योजना के अंतर्गत शामिल स्‍वयं सहायता समूहों को छोड़कर) के अंतर्गत सभी पात्र निवेश गतिविधियां इस योजना में शामिल होंगी.

5.पुनर्वित्‍त की सीमा

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र (असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम), पर्वतीय क्षेत्रों (जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड), पूर्वी क्षेत्र (पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड तथा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह), लक्षद्वीप तथा छत्तीसगढ़ के लिए सभी प्रयोजनों हेतु पुनर्वित्त की सीमा पात्र बैंक ऋण के 95% तक रहेगी. अन्य क्षेत्रों के लिए पुनर्वित्त की सीमा निम्नानुसार रहेगी:

क)सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए 95% (हमारी पुनर्वित्‍त नीति में दर्शाए गए अनुसार)

ख)सभी अन्य विविध प्रयोजनों के लिए 90%.

6.स्‍वचालित पुनर्वित्‍त सुविधा

पुनर्वित्‍त की प्रमात्रा पर किसी अधिकतम सीमा के बिना कृषि क्षेत्र के अधीन सभी परियोजनाओं के लिए बैंक ऋण अथवा कुल वित्‍तीय परिव्‍यय के बराबर होगी. यदि कोई बैंक पूर्व-स्‍वीकृति प्रक्रिया के अंतर्गत पुनर्वित्‍त लेना चाहता है तो उसे नाबार्ड के अनुमोदन के लिए परियोजनाओं को प्रस्‍तुत करना होगा.

7.ब्‍याज दर

7.1 उधारकर्ताओं को ऋण

अंतिम उधारकर्ताओं के लिए ऋण पर ब्‍याज की दर भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार होगी. तथापि, बैंक सामान्‍य गतिविधियों हेतु दिए जाने वाले ऋण की तुलना में कृषि गतिविधियों हेतु किसानों को रियायती ब्‍याज दर पर ऋण उपलब्‍ध करा सकते हैं.

7.2 नाबार्ड से पुनर्वित्‍त

नाबार्ड पुनर्वित्‍त पर ब्‍याज की दर 2.90% प्रति वर्ष (त्रैमासिक अंतराल पर), होगी जिसमें नाबार्ड समय-समय पर संशोधन कर सकता है. बैंक अंतिम उधारकर्ता को कम ब्‍याज का लाभ अंतरित करें.

7.3 दंडात्‍मक ब्‍याज

मूलधन की चुकौती और/अथवा ब्‍याज के भुगतान में चूक की स्थिति में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक को नाबार्ड को चूक की अवधि के लिए, चूक की तिथि को चूक की राशि हेतु 5 वर्ष और इससे अधिक की अवधि के दीर्घावधि पुनर्वित्त (सामान्‍य) पर ब्‍याज दर के अतिरिक्त 2% दंडात्‍मक ब्‍याज देना होगा. दंडात्‍मक ब्‍याज की दर में समय-समय पर संशोधन किया जा सकता है.

8. चुकौती अवधि

पुनर्वित्‍त के लिए चुकौती अवधि 5 वर्ष की होगी और प्रतिवर्ष 31 जनवरी और 31 जुलाई को पुनर्वित्त की चुकौती छिमाही आधार पर होगी. ब्‍याज का भुगतान प्रतिवर्ष तिमाही आधार पर 01 फरवरी, 01 मई, 01 अगस्त और 01 नवंबर को किया जाएगा.

9.अभिलेखों का रखरखाव

एलटीआरसी निधि के अंतर्गत दिए गए पुनर्वित्‍त का हिसाब अलग से रखा जाएगा आवश्यक अभिलेख रखा जाएगा. जब भी नाबार्ड मांग करेगा तब बैंक को ऋण की औसत राशि, प्रभारित ब्‍याज दर, प्रभारित किए गए प्रोसेसिंग शुल्‍क आदि जैसी सारी जानकारी देनी होगी.

10. योजना के अधीन पुनर्वित्‍त सहायता प्राप्‍त करने के लिए हमारे परिचालनात्‍मक दिशानिर्देशों में उल्लिखित अन्‍य सभी वर्तमान निबंधन व शर्तें लागू होंगी.