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हमारे बारे में

राजभाषा प्रभाग


राजभाषा प्रभाग

1.  प्रारंभ
 
नाबार्ड में राजभाषा प्रभाग का गठन भारत सरकार की राजभाषा नीतियों और राजभाषा अधिनियम, 1963 (1967 में यथा संशोधित) और राजभाषा नियम, 1976 के प्रावधानों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए किया गया. 
 
2.  विभाग के मुख्य कार्य
 
अ. भारत सरकार की राजभाषा नीति का कार्यान्वयन   :
 
राजभाषा प्रभाग भारत सरकार की राजभाषा नीतियों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करता है और वार्षिक समयबद्ध कार्यक्रम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कार्यालयों/ विभागों को अनुदेश जारी करता है.
 
आ. क्षमता निर्माण
 
  • जिन स्टाफ सदस्यों को हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान नहीं है, उनके लिए भारत सरकार की हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की व्यवस्था करता है.
  • हिंदी टंकण और हिंदी आशुलिपि प्रशिक्षण की व्यवस्था करता है.
  • नियमित रूप से हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है ताकि स्टाफ सदस्य अपना कार्यालयीन कार्य हिंदी में कर सकें.  
  • वरिष्ठ अधिकारियों के लिए राजभाषा उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. 
  • कम्प्यूटर पर यूनिकोड में हिंदी में काम करने के लिए स्टाफ सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाता है.
  • हिंदी में संभाव्यतायुक्त ऋण योजनाएं (पीएलपी) और निरीक्षण रिपोर्टें तैयार करने हेतु अधिकारियों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है.
  • राजभाषा कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. 
 
इ. संवर्धनात्मक कार्य
 
  • स्टाफ सदस्यों को अपना कार्यालयीन कार्य मूल रूप से हिंदी में करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए नकद पुरस्कार योजना कार्यान्वित की जा रही है. राजभाषा के कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों/ प्रशिक्षण संस्थाओं के नोडल अधिकारियों तथा प्रथम बार हिंदी में पीएलपी/ निरीक्षण रिपोर्ट/  प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने वाले अधिकारियों को विशेष नकद पुरस्कार दिये जाते हैं. 
  • कृषि और ग्रामीण विकास से संबंधित विषयों पर मूल रूप से हिंदी में पुस्तक लिखने के लिए हिंदी पुस्तक लेखन योजना लागू है और अनुदान सहायता दी जाती है.
  • हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों व प्रधान कार्यालय के विभागों को राजभाषा शील्ड दी जाती है.
  • हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी प्रतियोगिताओं एवं हिंदी समारोह का आयोजन किया जाता है.
  • नाबार्ड की तिमाही हिन्दी गृहपत्रिका ‘राष्ट्रीय बैंक सृजना’ के अंतर्गत सृजनात्मक लेखन की विभिन्न श्रेणियों में वार्षिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं. 
 
ई.  अनुप्रवर्तन
 
  • विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों व प्रधान कार्यालय के विभागों से प्राप्त तिमाही/छमाही/वार्षिक प्रगति रिपोर्टों/विवरणियों के माध्यम से राजभाषा नीति के अनुपालन में वृद्धि हेतु किए गए प्रयासों की निगरानी समीक्षा की जाती है.
  • क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों व प्रधान कार्यालय के विभागों द्वारा भारत सरकार की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन और हिंदी के प्रगामी प्रयोग की समीक्षा करने के लिए प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाता है. राजभाषा नीति के कार्यान्वयन में पाई गई कमियों पर अनुपालन रिपोर्ट मांगी जाती है.
  • हिंदी के प्रयोग की समीक्षा करने के लिए उप प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में प्रत्येक तिमाही में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक होती है तथा बैठक में लिए गए निर्णयों की सूचना सभी क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों व प्रधान कार्यालय के विभागों को दी जाती है.
  • प्रत्येक विभाग द्वारा नामित राजभाषा नोडल अधिकारियों की बैठकें नियमित रूप से की जाती हैं और उनसे प्राप्त प्रतिसूचना के आधार पर राजभाषा नीतियों का सहज कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाता है.
  • राजभाषा अधिकारियों की वार्षिक कार्ययोजना बैठक का आयोजन किया जाता है और क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों हिंदी के प्रयोग की समीक्षा की जाती है, साथ ही, अगले वर्ष के लिए योजना तैयार की जाती है.
  • राजभाषा नियम, 1976 के नियम 10(4) के अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यालयों को अधिसूचित किया जाता है.
 
उ. अनुवाद
 
  • निम्नलिखित दस्तावेजों की द्विभाषिकता सुनिश्चित करने के लिए अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद किया जाता है साथ ही अपवाद स्वरूप स्थितियों में आवश्यकतानुसार हिन्दी दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद किया जाता है: 
  • राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले अन्य दस्तावेज़ 
  • कोड, मैनुअल व अन्य प्रक्रिया साहित्य
  • लेखन सामग्री मदें
  • प्रकाशन 
  • विज्ञापन – प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया
  • होर्डिंग/ बैनर 
  • ब्रोशर/ पैम्फलेट/ लीफलेट
  • स्लोगन
  • विभिन्न विभागों द्वारा जारी नीति परिपत्र और अनुदेश
  • संकल्प
  • नाबार्ड की विभिन्न योजनाएं
  • मॉडल बैंक योग्य योजनाएं
  • वेबसाइट सामग्री
  • वार्षिक रिपोर्ट
  • प्रेस विज्ञप्ति
  • दैनंदिन पत्राचार
 
ऊ.  प्रकाशन
 
  • हिंदी गृह-पत्रिका 'राष्ट्रीय बैंक सृजना' बैंक की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में हिंदी में जानकारी प्रदान करने के लिए और साथ ही स्टाफ सदस्यों को हिंदी में सृजनात्मक लेखन हेतु मंच प्रदान करने के लिए तिमाही आधार पर प्रकाशित की जाती है. 
  • ग्रामीण विकास बैंकिंग शब्दावली का प्रकाशन व अद्यतनीकरण.
 
ए.  सांविधिक विवरणियां प्रस्तुत करना  :
 
  • भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग और वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के स्थानीय राजभाषा कार्यान्वयन कार्यालय को तिमाही प्रगति रिपोर्ट तथा वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है. 
  • नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति को छमाही प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है.
ऐ.  उपलब्धियां : 
 
  • भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित ग्रामीण विकास बैंकिंग शब्दावली को मानक शब्दावली माना है और शब्दावली का लिंक अपने वेबसाइट पर दिया है. 
  • राष्ट्रीय बैंक 'सृजना' को एबीसीआई ने दो पुरस्कार प्रदान किए और आशीर्वाद फाउन्डेशन द्वारा इस पत्रिका को श्रेष्ठ पत्रिका का पुरस्कार दिया गया.
  • 2018-19 में 'क' क्षेत्र के राज्यों के अधिकांश जिलों की पीएलपी हिन्दी में तैयार की गई. 
  • सभी संसदीय प्रश्नों के उत्तर द्विभाषिक रूप में तैयार किए गए. 
  • भारत सरकार द्वारा विकसित 'पारंगत' पाठ्यक्रम में 236 स्टाफ सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया. 
 
3.  अतिरिक्त जानकारी
 
'क' क्षेत्र में स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों - उत्तराखण्ड, हरियाणा, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, नई दिल्ली और राजस्थान ने 2017-18 के दौरान शत प्रतिशत पीएलपी हिंदी में तैयार किए. संसद/मंत्रालय द्वारा मांगी गई सभी सूचनाएं हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध कराई गईं. नकद पुरस्कार योजना के अंतर्गत 2017-18 के लिए 102 पुरस्कार प्रदान किए गए.
 
संपर्क सूचना
 
श्री हेमंत बी सोनगड़कर
मुख्य महाप्रबंधक
कार्यालय : (91) 022-26539801
मोबाइल : 9320778377
फैक्स : 022-26530008
ई-मेल :  rajbhasha@nabard.org