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अन्य पहलें
  • भारतीय रिजर्व बैंक / नाबार्ड द्वारा निर्धारित विभिन्न सांविधिक  विवरणियों (ओएसएस सहित)  के माध्यम से पर्यवेक्षित बैंकों के दैनिक कामकाज का अनुप्रवर्तन किया जाता है. 
  • एक राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है जिसमें बैंककारी विनियमन अधिनियम,1949 ( सहकारी समितियों पर यथा लागू) की धारा 11(1) का अनुपालन नहीं करने वाले बैंकों के लिए एक सुविचारित / समुचित रणनीति तैयार करने  के लिए और इन प्रावधानों के पुनः अनुपालन करवाने के प्रयोजन से निर्मित कार्य योजना के अनुप्रवर्तन के लिए राज्य के सहकारी समितियों के पंजीयक, शीर्ष बैंक, सहकारिता और वित्त विभाग, ऑडिट विभाग के निदेशक और अनुपालन न करने वाले  बैंकों को शामिल किया गया है. 
  • वैद्यनाथन समिति-I के अंतर्गत पुनरुद्धार पैकेज के कार्यान्यवन के उपरांत एक राज्य स्तरीय कार्यबल (एसएलटीएफ) का गठन किया गया है और समय-समय पर इसकी  बैठक आयोजित की जा रही है. इन बैठकों में सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श किया जाता है. 
  • इसके साथ-साथ पर्यवेक्षकीय चिंताओं के बारे में शीर्ष  बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, सहकारी समितियों के पंजीयक, राज्य सरकार आदि के साथ और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अध्यक्षों के साथ समय-समय पर विचार विमर्श किया जाता है .