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सरकार प्रायोजित योजनाएँ

कृषि क्षेत्र

कृषि विपणन बुनियादी ढांचा, ग्रेडिंग और मानकीकरण योजना (एएमआईजीएस )
कृषि विपणन बुनियादी ढांचा, ग्रेडिंग और मानकीकरण (एएमआईजीएस ) योजना  देश में विपणन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए तैयार की गई है, जिससे कि  विभिन्न कृषि उत्पादों के उत्पादन एवं फसल-कटाई पश्चात  बिक्री योग्य  अधिशेषों  की जरूरतों को पूरा किया जा सके. कृषि मंत्रालय द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने कृषि विपणन में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु रु. 11,172 करोड़ के निवेश का अनुमान लगाया है. इस निवेश में एक बड़ा हिस्सा निजी क्षेत्र से आएगा, जिसके लिए उपयुक्त नियामक एवं नीतिगत वातावरण बनाना आवश्यक है . 
 
योजना के उद्देश्य
 
  • डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, पशुधन और लघु वन उत्पादों सहित कृषि एवं कृषि से संबद्ध वस्तुओं की बड़ी मात्रा में अपेक्षित  बिक्री योग्य अधिशेषों  के निपटान हेतु अतिरिक्त कृषि विपणन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना .  
  • निजी और सहकारी क्षेत्र के निवेश जिसमें गुणवत्ता प्रोत्साहन एवं  उत्पादकता बढ़ाने के लिए   प्रोत्साहन को बनाए रखने और परिणाम स्वरूप किसानों की आय बढ़ाने में प्रतिस्पर्द्धात्मक वैकल्पिक कृषि विपणन बुनियादी ढांचे का संवर्धन करना.  
  • दक्षता बढ़ाने के लिए मौजूदा कृषि विपणन बुनियादी ढांचे को मजबूत करना.  
  • सीधे विपणन को बढ़ावा देना ताकि बिचौलियों और हैंडलिंग चैनलों को कम कर बाजार की क्षमता बढ़ायी जा सके जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो.    
  • ग्रेडिंग, मानकीकरण और कृषि उपज की गुणवत्ता प्रमाणीकरण के लिए बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना ताकि किसानों को उनकी उपज की गुणवत्ता के अनुरूप  उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके .   
  • फॉरवर्ड तथा फ्युचर  बाजार को बढ़ावा देकर  बाजार प्रणाली को स्थिर करने और किसानों की आय बढ़ाने हेतु  गिरवी वित्तपोषण और विपणन, क्रेडिट, परक्राम्य वेयरहाउसिंग रसीद प्रणाली  की प्रमुखता पर  जोर देने के लिए ग्रेडिंग, मानकीकरण और गुणवत्ता प्रमाणन प्रणाली को बढ़ावा देना .
  • उत्पादकों के साथ  प्रसंस्करण इकाइयों के सीधे एकीकरण को बढ़ावा देना .  
  • ग्रेडिंग, मानकीकरण तथा गुणवत्ता प्रमाणीकरण सहित कृषि विपणन के संबंध में सामान्य रूप से जागरूकता पैदा करना और शिक्षा देना .   
इस योजना का लाभ किसको मिल सकता है ? 
 
  • व्यक्ति  
  • किसानों / उत्पादकों / उपभोक्ताओं के  समूह 
  • साझेदार / मालिकाना फर्म्स  
  • गैर-सरकारी संगठन  (एनजीओ) 
  • स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) 
  • कंपनियां और निगम  
  • सरकारी स्वायत्तशासी निकाय  
  • सहकारी संस्थाएं एवं सहकारी विपणन संघ 
  • स्थानीय निकाय  
  • पूरे देश की कृषि उपज मंडी समितियां  (एपीएमसी) एवं विपणन बोर्ड 
मौजूदा विपणन बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण / आधुनिकीकरण हेतु  नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त पोषित / सह वित्त-पोषित परियोजनाओं सहित बैंक से सहायता प्राप्त राज्य एजेंसियों की परियोजनाएं भी इस योजना के अंतर्गत  सहायता के लिए पात्र होंगी.  
 
डाउनलोड करने  के लिए लिंक 
 

योजना का  जारी रहना