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सरकार प्रायोजित योजनाएँ

कृषि क्षेत्र

कृषि विपणन बुनियादी ढांचा
यह सभी जानते हैं कि बिचौलिये की संलग्नता कम करने और  फसल कटाई पश्चात होने वाली हानियों को  कम करने के लिए कृषि विपणन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बढ़ावा देने की जरूरत  है. एक सशक्त कृषि विपणन बुनियादी ढांचे से किसानों को बेहतर पारिश्रमिक मिलना तथा उपभोक्ताओं एवं प्रसंस्करण उद्योगों को बेहतर गुणवत्तापरक उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगा . बारहवीं पंच वर्षीय योजना अवधि के दौरान, बुनियादी ढांचे और वैल्यू चैन के विकास हेतु अनुमानित निवेश रु. 56,000 करोड़ था.  
 
इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए  कृषि और सहकारिता विभाग (डीएसी), भारत सरकार  ने  पहले की   ग्रामीण भण्डारण योजना (GBY) और विकास / सुदृढ़ीकरण हेतु कृषि विपणन बुनियादी ढांचा, ग्रेडिंग और मानकीकरण ( एएमआईजीएस ) योजना का  विलय कर  कृषि विपणन इंफ्रास्ट्रक्चर (एएमआई ) योजना शुरू किया  है. 
 
योजना के  उद्देश्य
 
  • कृषि, बागवानी और डेयरी, मुर्गी पालन, मछली पालन, पशुओं  तथा लघु वन उपज के संबंधित क्षेत्रों के   अधिशेष के विपणन के प्रभावी प्रबंधन हेतु  एक सशक्त  कृषि विपणन बुनियादी ढांचे का विकास करना .  
  • कृषि विपणन बुनियादी ढांचे में अभिनव और नवीनतम प्रद्यौगिकी  को बढ़ावा देना .  
  • निजी और सहकारी क्षेत्रों से निवेश को प्रोत्साहित कर प्रतिस्पर्द्धात्मक वैकल्पिक कृषि विपणन बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना .  
  • बिचौलियों और हैंडलिंग चैनलों को कम करके  किसानों की आय बढ़ाने के लिए बाजार क्षमता  बढ़ाने हेतु सीधे विपणन को बढ़ावा देना . 
  • फसल कटाई पश्चात एवं हैंडलिंग नुकसान से निपटने के लिए कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों और कृषि आदानों इत्यादि के भंडारण हेतु  वैज्ञानिक भंडारण क्षमता बढ़ाना .  
  • ग्रेडिंग, मानकीकरण और कृषि उपज की गुणवत्ता प्रमाणीकरण हेतु बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना .  
  • प्राथमिक प्रोसेसर के साथ किसानों के वर्टीकल एकीकरण हेतु  एकीकृत वैल्यू चेन्स (प्राथमिक प्रसंस्करण चरण तक सीमित) को बढ़ावा देना .  
  • ग्रेडिंग, मानकीकरण और गुणवत्ता प्रमाणीकरण सहित कृषि विपणन के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान कर लोगों में सामान्य रूप से  जागरूकता लाना .  
इस योजना का लाभ किसको मिल सकता है  ? 
 
  • व्यक्ति, किसानों / उत्पादकों के  समूह 
  • पंजीकृत कृषक उत्पादक संघ (एफ़पीओ)  
  • साझेदारी/स्वत्वाधिकारी फर्म्स, कंपनियाँ,निगम  
  • स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) 
  • गैर-सरकारी संगठन  (एनजीओ) 
  • सरकार के स्वायत्तशासी  निकाय  
  • सहकारी संस्थाएं  एवं सहकारी विपणन संघ 
  • स्थानीय निकाय ( भंडारण आधारभूत परियोजनाओं हेतु नगर निगमों को छोड़कर), पंचायतें   
राज्य सरकार के विभागों एवं स्वायत्तशासी संगठनों / राज्य के स्वामित्व वाली संस्थाओं सहित राज्य की  एजेंसियां 
  
डाउनलोड करने के लिए लिंक 
 
योजना जारी  रहना