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चीनी पैकेज
चीनी उपक्रमों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए योजना – एसर्इएफएएसयू 2014 
 
भारत सरकार ने 09 जनवरी 2014 के अपने पत्र सं.3/77/2013-एसी के माध्यम से एसर्इएफएएसयू-2014 नाम की योजना जारी की थी. इसके माध्यम से सरकार ने चीनी के पिछले मौसम के गन्ने की कीमत की बकाया राशि के भुगतान और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) से संबंधित चालू मौसम में गन्ने की कीमत के समय पर निपटान के लिए चीनी मिलों को ऋण प्रदान करने हेतु बैंकों को सूचित किया था. 2013-14 के दौरान चल रही चीनी मिलों को ऋण मंजूर किए जाएंगे और चीनी के पिछले तीन मौसमों के दौरान चीनी उत्पाद शुल्क, चुंगी और अधिभार (निर्यात या प्राप्त वैट के राष्ट्रीय समतुल्य सहित) की मात्रा पर ऋण निर्धारित किए जाएंगे. ऋण 5 वर्षों के लिए मंजूर किए जाएंगे जिसमें 2 वर्ष की अधिस्थगन अवधि शामिल होगी. भारत सरकार अधिकतम 12% या वास्तविक दर जो भी कम हो पर ब्याज सहायता प्रदान करती है. ऋण प्रदान करने वाले बैंकों द्वारा 30 जून 2014 की मंजूर ऋण और 30 सितंबर 2014 तक संवितरित ऋण ब्याज सहायता सुविधा के लिए पात्र होंगे. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआर्इ) को अन्न और सार्वजनिक वितरण विभाग के साथ समन्वय के लिए और संबंधित बैंकों को आगे प्रतिपूर्ति के लिए दी जाने वाली सब्सिडी के प्रबंधन हेतु ‘नोडल बैंक’ के रूप में नियुक्त किया गया है. नाबार्ड, सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (क्षेग्रा बैंक) की ओर से समन्वय करेगा और भारतीय स्टेट बैंक को प्रतिपूर्ति के लिए दावे प्रस्तुत करेगा.
 
चीनी मौसम 2014-15 के गन्ने की देय राशि के सुविधाजनक भुगतान के लिए चीनी मिलों को सुलभ ऋण की योजना
 
गन्ना किसानों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के संबंध में 2014-15 के चीनी के मौसम की गन्ने की बकाया कीमतों के भुगतान के लिए चीनी मिलों को सुलभ ऋण प्रदान करने हेतु भारत सरकार ने 23 जून 2015 को योजना अधिसूचित की. 2013-14 और 2014-15 के चीनी के मौसम में चल रही चीनी मिलों को ऋण मंजूर किए जाएंगे और 2013-14 के दौरान चीनी के मौसम में संबंधित केंद्रीय आबकारी प्राधिकारियों द्वारा प्रमाणित सफेद चीनी के रिपोर्ट किए गए उत्पादन के 11% के समकक्ष ऋण की मात्रा होगी. ऋण की चुकौती के लिए एक वर्ष की आस्थगन अवधि होगी. राजपत्र अधिसूचना के अनुसार ऋण प्रदान करने वाले बैंकों द्वारा 30 सितंबर 2015 तक मंजूर और संवितरित ऋण ब्याज सहायता सुविधा के लिए पात्र होंगे. भारत सरकार द्वारा चीनी मिलों को अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए 10% सरल ब्याज तक या बैंकों द्वारा प्रभारित वास्तवित दर जो भी कम हो ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी. नोडल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से ब्याज सहायता तिमाही आधार पर जारी की जाएगी. नाबार्ड ने योजना के संबंध में परिचालनात्मक दिशानिर्देश जारी किए हैं और चूंकि नाबार्ड ग्रामीण सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की ओर से समन्वय का कार्य करेगा इसलिए उन्हें भी उक्त दिशानिर्देश भेजे गए हैं.