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एडीएफ आईएपी की 42 वीं वार्षिक आम बैठक और अवॉर्ड्स नाइट में अध्यक्ष महोदय की सहभागिता
मस्कट, ओमान | 26 February 2019 04:45 PM
एसोसिएशन ऑफ डेवलपमेंट फाइनेंसिंग इंस्टीट्यूशंस इन एशिया एंड पेसिफिक (ADFIAP) की 42वीं वार्षिक आम बैठक और अवॉर्ड्स नाइट का आयोजन 20- 22 फरवरी 2019 को मस्कत, सल्तनत ऑफ ओमान में किया गया था. यह आयोजन ओमान डेवलपमेंट बैंक (ओटीपी) द्वारा किया गया था. एडीएफ आईएबी सदस्य देशों और एडीबी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में महामहिम शेख अल फधी अल-हर्थी, सेक्रेट्री जनरल काउंसिल ऑफ मिनिस्टर, सल्तनत ऑफ ओमान ने इसका उद्घाटन किया था.
 
एडीएफआईएपी की 42वीं वार्षिक आम बैठक का विषय ‘डीएफ़आई  रोल इन नेशनल डेवलपमेंट’ था जिसे निम्नलिखित सत्र में विभाजित किया गया था:
 
सत्र 1: डीएफ़आई एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट
सत्र 2: डीएफ़आई एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट
सत्र 3: डीएफआई एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट
सत्र 4: बीएफआई क्लाइमेट एक्शन
 
"डीएफआई एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट" पर सत्र के दौरान श्री हर्ष कुमार भनवाला, अध्यक्ष ने भारत और अपने ग्राहक संस्थाओं के प्रौद्योगिकी विकास में नाबार्ड के सहयोग पर एक व्यापक विवरण प्रस्तुत किया. डॉक्टर भनवाला ने अपने संबोधन में यह कहा कि नाबार्ड का विजन है ग्रामीण भारत का कायापलट करना जहां देश की 60% आबादी रहती है. नाबार्ड अपने सहयोग, नवोन्मेषों  तथा कार्यों से सुदृढ़ और जागृत ग्रामीण भारत का निर्माण करने के लिए सदैव प्रयासरत रहता है. लगभग चार दशकों की अवधि के दौरान ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए अपने विजन के माध्यम से नाबार्ड ने कई समाधान प्रदान किए हैं. 8 मिलीयन स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लगभग 120 मिलियन परिवार सहायता समूह -बैंक संयोजन कार्यक्रम से लाभान्वित हुए हैं. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और ग्रामीण सहकारी बैंक को वाणिज्य बैंकों के समकक्ष सीबीएस प्लेटफॉर्म पर पहुंचा दिया गया है. इन बैंकों को नेशनल पेमेंट स्विच और नेशनल पेमेंट एंड सेटेलमेंट सिस्टम से जोड़ दिया गया है. रुपे क्रेडिट कार्ड जारी करना, आधार इनरोलमेंट और अपडेशन केंद्रों ( एईसी) के लिए सहयोग, एफएलसी, पीओएस, एमपीएस, माइक्रो एटीएम इत्यादि कुछ ऐसी पहले हैं जिनका जिक्र उन्होंने सत्र के दौरान अपने संबोधन में किया.
 
अवॉर्ड नाइट के दौरान अध्यक्ष महोदय को चार विभिन्न श्रेणियों में चार पुरस्कार प्राप्त हुए जिनका विवरण निम्नावत है:
- श्रेणी 1- ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट: नई भर्ती वाले अधिकारियों के लिए नवोन्मेषी ग्रामीण इमर्शन प्रोग्राम के लिए गुणवत्ता पुरस्कार
- श्रेणी 3: एसएमई डेवलपमेंट: इसमें 3 परियोजनाएं शामिल हैं जैसे "प्लास्टिक के कचरे से धन अर्जन", "वामपंथी अतिवाद से ग्रस्त और अन्य जिलों में युवकों के लिए कौशल ऋण- संस्थागत विकास", तथा "यूज़ ऑफ हाइड्रोपोनिक टेक्नोलॉजी फॉर पैडी नर्सरी"
- श्रेणी 5: प्रौद्योगिकी विकास: "वित्तीय समावेशन निधि के अंतर्गत गतिविधियां"
 
- श्रेणी 8: वित्तीय समावेशन: इसमें दो परियोजनाएं शामिल हैं जैसे "ईशक्ति-स्वयं सहायता समूहों का डिजिटाइजेशन" और "स्वयं सहायता समूह बैंक संयोजन कार्यक्रम"
 
इस दौरे के समय श्री उमेश कुमार, उप महाप्रबंधक, श्रीमती दीप्ति हेलगांवकर, सहायक महाप्रबंधक तथा श्री दिगंत कुमार दास अध्यक्ष महोदय के साथ उपस्थित थे.