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भूटान के प्रतिनिधि मण्डल ने नाबार्ड के अध्यक्ष से मुलाक़ात की
मुंबई | 13 May 2019 12:22 PM
भूटान से आए प्रतिनिधि मण्डल ने 13 मई 2019 को मुंबई स्थित नाबार्ड के प्रधान कार्यालय में नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. हर्ष कुमार भनवाला से भेंट की. इस प्रतिनिधि मण्डल में रॉयल मोनेटरी अथॉरिटी (भूटान का केंद्रीय बैंक), बुतान नेशनल बैंक, बैंक ऑफ भूटान और भूटान डेवलपमेंट बैंक के अधिकारी शामिल थे. अध्यक्ष महोदय ने प्रतिनिधि मण्डल को कृषि ऋण, ग्रामीण विकास, पर्यवेक्षण और केंद्रीय तथा राज्य सरकारों को परामर्श के क्षेत्र में नाबार्ड की भूमिका के बारे में बताया. इसके अलावा उन्होंने एसएचजी बैंक लिंकेज कार्यक्रम, कृषि ऋण को बढ़ावा देने के लिए बैंको को पुनर्वित्त ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था का संस्थागत विकास आदि जैसी बैंक की प्रमुख पहलों की जानकारी दी. 
 
डॉ. भनवाला ने कहा, “संधारणीय विकास और ऋण लेने की क्षमता में ग्रामीण आधारभूत संरचना के महत्व को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण आधारभूत संरचनाओं के विकास में नाबार्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.” 
 
बाद में प्रतिनिधि मण्डल ने ग्रीन क्लाइमेट फंड (जीसीएफ़) से  आधिकारिक मान्यता प्राप्त करने की आवश्यकताओं और प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानने के लिए बैंकर ग्रामीण विकास संस्थान (बर्ड), लखनऊ का दौरा किया. यूएनएफ़सीसीसी के अंतर्गत जीसीएफ़ एक वित्तीय व्यवस्था है जो जलवायु वित्त निवेश के लिए निधि सहायता प्रदान करती है. उल्लेखनीय है कि नाबार्ड को फंड की डायरेक्ट एक्सेस एंटिटी के रूप में मान्य किया गया है. 
 
प्रतिनिधि मण्डल में रॉयल मोनेटरी अथॉरिटी (भूटान का केंद्रीय बैंक) के मुख्य अनुसंधान अधिकारी श्री देवराज घाली, भूटान नेशनल बैंक के वसूली और विधि विभाग की प्रमुख सुश्री डेकि वांगमों, भूटान नेशनल बैंक के ऋण विभाग की प्रमुख सुश्री कर्मा डेकी, बैंक ऑफ भूटान के आयोजना अधिकारी श्री सोनम धेंडुप, बैंक ऑफ भूटान के प्रशासनिक अधिकारी श्री दुपचेन लेपचा, परियोजना अधिकारी श्री त्शेरिंग छोडेन, ऋण सहायक श्री सोनम फुन्त्शो शामिल थे.