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पूर्वोत्तर राज्यों ( एनई आर राज्यों) के बैंक रहित गांवों में कियोस्क आउटलेट खोलने हेतु योजना - वित्तीय समावेशन निधि से सहायता
संदर्भ संख्या.एनबी.डीएफ़आईबीटी प्र.का. /13516-13578 / डीएफ़आईबीटी - 23 / 2018-19
परिपत्र सं. 73 / डीएफ़आईबीटी - 03/ 2019
 
22 मार्च 2019 
 
प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी
सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
अध्यक्ष
पूर्वोत्तर राज्यों में सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
 
महोदय, 
 
पूर्वोत्तर राज्यों ( एनई आर राज्यों) के बैंक रहित गांवों में कियोस्क आउटलेट खोलने हेतु योजना - वित्तीय समावेशन निधि से सहायता 
देश भर में सुदूर गांवों में बैंकिंग सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) मॉडल वित्तीय समावेशन रणनीति की आधारशिला बनाता है. हालांकि, भौगोलिक पहुँच में अपेक्षित प्रगति होने के बावजूद भी पूर्वोत्तर राज्यों के कई गांवों में मुख्य रूप से 500 से कम जनसंख्या वाले गांव अभी भी इससे वंचित हैं.  इन क्षेत्रों में कुछ चुनौतियां हैं, जैसे – दुर्गम क्षेत्र, बिखरे गांव, कम आबादी, योग्य बीसी का न होना इत्यादि. ऐसे गांवों में बीसी स्थलों की अव्यवहार्यता बैंकों के लिए बीसी गतिविधियां शुरू करने को और अधिक दुरूह बना देता है.  यह योजना सुदूर क्षेत्रों में जहां आबादी कम है, बीसी आउटलेट स्थापित करने तथा  इन बीसी स्थलों को व्यवहार्य बनाने में समय अंतराल की भरपाई करने के लिए बनायी गई है.
2.  पूर्वोत्तर राज्यों में 500 से कम जनसंख्या वाले बैंक रहित गांवों में व्यापक वित्तीय सेवाएं प्रदान करने हेतु कियोस्क आउटलेट के रूप में बीसी / सीएसपी की संख्या में वृद्धि करने के लिए अब वित्तीय समावेशन निधि से एकमुश्त अनुदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है.  माइक्रो एटीएम, कंप्यूटर / लैपटॉप, प्रिंटर, फर्नीचर इत्यादि लगाने के साथ बीसी संचालन की सुविधा हेतु कियोस्क आउटलेट स्थापित करने में पूंजीगत लागत के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए यह सहायता उपलब्ध होगी. अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए प्रति आउटलेट वास्तविक लागत का 60% अथवा ₹ 45,000 /, जो भी कम हो, तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए प्रति आउटलेट वास्तविक लागत का 80% अथवा ₹ 60,000 / जो भी कम हो, अनुदान सहायता  की सीमा होगी.
 
3. बैंक कियोस्क आउटलेट खोलने के लिए संबंधित राज्य के हमारे क्षेत्रीय कार्यालयों से वित्तीय सहायता के लिए  अनुबंध- I में संलग्न प्रारूप के अनुसार अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं. अनुदान सहायता के लिए नियम एवं शर्तें अनुबंध II में दी गयी है और यह सहायता प्रतिपूर्ति आधार पर प्रदान की जाएगी.
 
भवदीय,  
             
(डी नागेस्वरा राव)
महाप्रबंधक
संलग्न : यथोक्त