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डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस) वित्तीउय वर्ष 2019-20 के दौरान योजना जारी रखना
आप जानते हैं पिछले कुछ वर्षों में उपर्युक्‍त डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस) की भारी सफलता को देखते हुए भारत सरकार ने चालू वित्‍तीय वर्ष के दौरान यह योजना जारी रखी है. 
वर्ष 2019-20 के दौरान केन्द्रीय क्षेत्र योजना–डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस) के कार्यान्‍वयन के लिए पशु पालन और डेयरी विभाग, कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी 10 अप्रैल 2019 और 08 मई 2019 के प्रशासनिक अनुमोदन सं. क्रमश फ.सं.1-1/2009-डीपी और फ.सं.1-1/ 2013-डीपी  की एक प्रति हम आपकी जानकारी के लिए इसके साथ भेज रहे हैं. 
भारत सरकार ने वर्ष 2019-20 के लिए बजट में रु.325.00 करोड़ का प्रावधान किया है. राज्‍य-वार बजट आबंटन अनुबंध-I में दिया गया है.
किसान, व्यक्तिगत उद्यमी  तथा  असंगठित और संगठित क्षेत्र के समूह. संगठित क्षेत्र के समूह के अंतर्गत स्‍वयं सहायता समूह एवं दुग्ध संगठन अपने सदस्यों के पक्ष में, डेयरी सहकारी समितियां, दुग्‍ध संघ, पंचायती राज संस्‍थाएं (पीआरआई) आदि योजना के अधीन पात्र हैं. 
ii)  योजना के अधीन एक आवेदक सभी घटकों के लिए, किंतु प्रत्‍येक घटक के लिए सिर्फ एक बार, सहायता हेतु पात्र होगा. तथापि, विभिन्‍न स्‍थानों पर एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्‍य अलग-अलग आधारभूत पृथक इकाइयां स्‍थापित करते हैं तो उन्‍हें योजना के अधीन सहायता दी जा सकती है. इस प्रकार की दो इकाइयों (फार्म)  में न्‍यूनतम 500 मीटर की दूरी होनी चाहिए.
 
पशुपालक किसान/स्‍वयं सहायता समूह की महिलाएं, सहकारी एवं  उत्पादक कंपनियाँ (Producer Companies) द्वारा प्रसंस्‍करण सुविधाओं के निर्माण, मूल्‍य संवर्धन और समूह में उत्‍पादित दूध विपणन के लिए सामूहिक (क्‍लस्‍टर) मोड के रूप में कार्यान्वित की जाने वाली परियोजनाओं को वरीयता दी जानी चाहिए. 
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला लाभार्थी, भूमिहीन /छोटे / सीमांत और गरीबी रेखा के नीचे आने वाले कृषक और देश के सूखा और बाढ़ग्रस्‍त इलाकों के किसानों के लाभार्थियों को भी वरीयता दी जानी चाहिए. 
सहायता का पैटर्न
 
बैक-एंडेड (Back-ended) सब्सिडि के रूप में सामान्‍य वर्ग के किसानों के लिए परियोजना लागत की 25% राशि और अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए 33.33% राशि.
वित्‍तपोषित बैंकों को अपने नियंत्रक कार्यालय के माध्‍यम से निम्‍नलिखित समय-सरणी के अनुसार डीईडीएस पोर्टल  (https://ensure.nabard.org) पर सब्सिडी के दावे अपलोड करने चाहिएः  
i वित्‍तपोषक संस्‍थान/ बैंक को  प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति के 30 दिन के भीतर डीईडीएस एनश्‍योर (ENSURE) पोर्टल में निर्धारित टेम्‍पलैट के अनुसार विस्‍तृत जानकारी अपलोड करनी होगी और पात्र सब्सिडी राशि ब्‍लॉक करनी होगी.  
ii जानकारी सफलतापूर्वक अपलोड करने और वैध पाए जाने के बाद, बैंक को पहली बार अपलोड करने के 30 दिन के भीतर पहली किस्‍त का विवरण (instalment details) अपलोड (upload) करना होगा. 
iii पहली किस्‍त की जानकारी 30 दिन के भीतर अपलोड न किए जाने पर इस प्रणाली से अपने आप आवेदन हट जाएगा चूंकि बजट असीमित अवधि के लिए नहीं दिया जा सकता. इसलिए बैंक/ नियंत्रक कार्यालय को निर्धारित समय सीमा के भीतर सब्सिडी के दावों को अपलोड करना सुनिश्चित करना होगा. 
प्रशासनिक अनुमोदन में उल्लिखित योजना के दिशानिर्देशों की अन्‍य सभी बातों का पालन करना होगा.