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वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए योजनाबद्ध ऋण हेतु पुनर्वित्त नीति - संरचित चुकौती अनुसूची
संदर्भ सं.राबैं.पुनर्वित्त/ 789 / पीपीएस - 9 / 2019-20
11 जून 2019
परिपत्र सं. 165 / पुनर्वित्त - 46 / 2019
प्रबंध निदेशक 
 
सभी राज्य सहकरी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक 
 
महोदया/ प्रिय महोदय 
 
वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए योजनाबद्ध ऋण हेतु पुनर्वित्त नीति - संरचित चुकौती अनुसूची
 
आप जानते है कि दीर्घावधि पुनर्वित्त ग्रामीण त्रण निधि (एलटीआरसीएफ) के अधीन राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों (रासकृग्रावि बैक) को बिना किसी स्थगन अवधि के 5 वर्ष की चुकौती अवधि के साथ पुनर्वित्त सहायता दी जाती है जबकि पुनर्वित्त के प्रयोजन के आधार पर स्थगन अवधि के साथ स्वत: पुनर्वित्त-सामान्य के अधीन अधिकतम 15 वर्ष तक की अवधि के लिए पुनर्वित्त सहायता दी जाती है. चूंकि रासकृग्रावि बैंक को एलटीआरसीएफ के अधीन लिए गए पुनर्वित्त की चुकौती नाबार्ड को पांच वर्षों के भीतर करनी होती है और इसमें वित्तपोषित कुछ आस्तियों की चुकौती अवधि पांच वर्ष से अधिक होने के कारण इससे नकद प्रवाह में असंतुलन की स्थिति पैदा होती है, इसलिए रासकृग्रावि बैंकों को बिना स्थगन अवधि के 9 वर्ष की चुकौती अवधि का एक नया संरचित पुनर्वित्त उत्पाद उपलब्ध करवाने का निर्णय किया गया है.
 
2.  इस नए उत्पाद के अधीन, एलटीआरसीएफ पर लागू रियायती दर से आरंभिक पांच वर्षों के लिए पुनर्वित्त प्रदान किया जाएगा और शेष 4 वर्षों की अवधि के दौरान स्वीकृति के समय प्रचलित लागू जोखिम प्रीमियम सहित सामान्य ब्याज दर पर पुनर्वित्त सहायता दी जाएगी. यह नया संरचित पुनर्वित्त उत्पाद इस चालू वर्ष के दौरान शुरू किया जाएगा और भारतीय रिज़र्व बैंक से एलटीआरसीएफ के प्राप्त होने के बाद ही उपलब्ध होगा.
 
3.  तथापि, स्वत: पुनर्वित्त- सामान्य और एलटीआरसीएफ (पांच वर्षों के लिए) वर्तमान नीति के दिशानिर्देशों के अनुसार जारी किया जाएगा.
 
भवदीय  
(जी आर चिंताला)  
मुख्य महाप्रबंधक