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कृषि के लिए ऋण प्रवाह - संपार्श्विक मुक्त कृषि ऋण
सं.सं. राबैं.प्रका. कृक्षेनीवि / 346-774 / परिपत्र / नीति 18 (I) / 2019-20  18  जून  2019
परिपत्र सं. 174  / एफएसपीडी - 05 / 2019
18 जून 2019
 
प्रबंध निदेशक  
सभी राज्य सहकारी बैंक 
मुख्य कार्यकारी अधिकारी 
सभी जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक 
 
महोदया / महोदय, 
 
कृषि के लिए ऋण प्रवाह - संपार्श्विक मुक्त कृषि ऋण
 
कृपया 7 फरवरी 2019 को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी वर्ष 2018-19 के लिए छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के विकास और नियामक नीति विषयक वक्तव्य के अनुच्छेद 13 का संदर्भ लें तथा उपर्युक्त विषय पर, सहकारी समितियों के पंजीयकों को संबोधित, 23 जुलाई 2010 का हमारा परिपत्र सं. 135 / डीपीडी-एफ़एस 04 /2010 देखें. 
2. वर्ष 2010 से कालांतर में समग्र महंगाई  और कृषि के लागत मूल्य में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, संपार्श्विक मुक्त कृषि ऋणों की मौजूदा सीमा को  `. 1 लाख (रुपये एक लाख) से बढ़ाकर `. 1.60 लाख (रुपये एक लाख साठ हजार) करने का निर्णय लिया गया है. तदनुसार, बैंक `. 1.60 लाख (रुपये एक लाख साठ हजार) तक के कृषि ऋणों के लिए मार्जिन आवश्यकताओं से छूट प्रदान कर सकते हैं. 
3. आपसे अनुरोध है कि इस संशोधन का पर्याप्त प्रचार करें और अपनी शाखाओं को इसे तत्काल लागू करने का निर्देश दें.
4. कृपया इस परिपत्र की प्राप्ति की सूचना हमारे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दें.
 भवदीय
 
(के. वेंकटेश्वर राव) 
 
मुख्य महाप्रबंधक