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प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत के उपायों के लिए दिशानिर्देश – अल्पावधि (मौसमी कृषि परिचालन) ऋण का मध्यावधि ऋण में परिवर्तन – वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पुनर्वित्त नीति
कृपया दिनांक 01 अप्रैल 2019 के हमारे परिपत्र संख्या 92 / डीओआर-32/2019 का संदर्भ ग्रहण करें जिसमे वर्ष 2019-20 के लिए अल्पावधि कृषि ऋणों को मध्यावधि ऋण में बदलने के लिए और मौजूदा मध्यावधि (परिवर्तन) ऋणों का पुनर्निर्धारण / वर्तमान मध्यावधि ऋणों (परिवर्तन) का पुनः अनुसूचिकरण करने के लिए पुनर्वित्त नीति के दिशानिर्देश भेजे गए थे । ऋण की यह सुविधा जो किसानों, जिनकी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान हुआ है, को राहत प्रदान करने की परिकल्पना करती है, की समीक्षा की गई है और इसे वर्ष 2020-21 के लिए मूलतः उसी व्यापक रूप से जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
 
2. वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए मध्यावधि परिवर्तन / पूननिर्धारण / पूनः अनुसूचिकरण ऋणों पर पूनर्वित्त की ब्याज की दर बैंकों द्वारा निर्धारित अंतिम उधारकर्ताओं से लिए जाने वाले ब्याज से 300 बेसिस पॉइंट्स कम होगी, अथवा 8.10% प्रति वर्ष की न्यूनतम ब्याज दर के अधीन होगी या जो समय-समय पर नाबार्ड द्वारा तय की गयी होगी । बैंकों द्वारा लिया जाने वाला ब्याज भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार होगा ।
 
3. अन्य नियम और शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी ।
 
4. कृपया इस परिपत्र की प्राप्ति की सूचना हमारे क्षेत्रीय कार्यालय को दें।