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वित्तीय समावेशन
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वित्तीय सीख
उत्तर प्रदेश
पहल
मित्रों को ध्यान में रखते हुए
लाभार्थी
मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास और राजगढ़ ज़िलों के 205 गाँवों के ग्रामीण एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्य
चुनौती
वित्तीय समावेशन के निम्न सूचकांक, स्थापित बैंकों का अभाव
स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की क्षमता का ज्ञान नहीं
बैंक सखी की स्थिरता सुनिश्चित करना
उपाय
नाबार्ड ने बेहतर वित्तीय सेवाओं के लिए नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक को सहायता प्रदान की
सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की पहचान कर उन्हें बैंक सखी के रूप में प्रशिक्षित किया गया ताकि वे पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल या लैपटॉप संचालित कर सकें
एक ऐसी प्रणाली लागू की गई जिसमें कमीशन लेन-देन के आधार पर नहीं बल्कि कुल कारोबार (प्रमात्रा) के आधार पर दिया जाए
प्रभाव
बैंक सखियों के लिए राजस्व मॉडल तैयार किया गया जिससे वे प्रति माह ₹3,000 से अधिक कमा सकें
कुल नामांकन (एनरोलमेंट) 11,982
पारंपरिक व्यवसाय प्रतिनिधि की तुलना में त्याग दर कम
वित्तीय समावेशन के नेटवर्क में निश्चित विस्तार