16 December 2025
संदर् भ सं. राबैं. डॉर/ एलटी नीति/ पीपीएस-9/118044-118070/ 2025-26
पररपत्र सं. 275/ डॉर - 67/2025
राज् य सरकारों के मुख् य सतिव
सभी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र
महोदया/महोदय
सहकारी ऋण संस्थाओं की शेयर पूँजी में योगदान हेतु नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 27 के तहत राज्य सरकारों को मीयादी ऋणों की मंजूरी - वर्ष 2025-26 हेतु परिचालन दिशानिर्देश
नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 27 के अंतर्गत नाबार्ड सहकारी ऋण संस्थाओं अर्थात राज्य सहकारी बैंकों, जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स)/ कृषक सेवा समितियों/ वृहदाकार आदिवासी बहुद्देशीय समितियों (लैम्प्स), राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों और प्राथमिक सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों की शेयर पूँजी में अंशदान के लिए प्रतिपूर्ति के आधार पर राज्य सरकारों को दीर्घाविधि ऋण उपलब्ध कराता है
2. इसके तहत प्रदत्त सहायता की परिचालन अवधि 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक होगी और इसके अंतर्गत वर्ष 2025-26 के दौरान शेयर पूँजी अंशदान के लिए राज्य सरकार द्वारा संवितरित राशि शामिल होगी
3. नाबार्ड से राज्य सरकारों को यह सुविधा समय-समय पर नाबार्ड द्वारा निर्धारित दर पर उपलब्ध कराई जाएगी
4. शेयर पूँजी अंशदान के लिए अंशदान करते समय राज्य सरकारों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
(i) सहकारी ऋण संस्थाओं में सदस्य आधारित प्रक्रिया के संवर्धन की आवश्यकता
सहकारी ऋण संस्थाओं की शेयर पूँजी में अंशदान के लिए राज्य सरकारों को सहायता प्रदान करने का मुख्य उद्देश्य इन संस्थाओं की अधिकतम उधार क्षमता (एमबीपी) को बढ़ाना है जिससे इनकी स्वाधिकृत निधियों के गुणक के रूप में माना जाता है। इससे ये संस्थाएँ अपने घटकों की ऋण आवश्यकताओं, विशेष रूप से कृषि ऋणों के लिए व्यापक आधार पर ऋण वितरण कार्यक्रम संचालित कर सकेंगी। इसके अलावा, सहकारी ऋण संस्थाओं को वास्तव में लोकतांत्रिक, सदस्य-संचालित और आत्मनिर्भर संस्था बनाने के लिए सदस्यों से शेयर पूँजी अंशदान के संग्रहण को बढ़ाकर, इन सहकारी ऋण संस्थाओं के सदस्य आधार और इक्विटी आधार को सुदृढ़ करना वांछनीय है
(ii) ग्रामीण सहकारी बैंक जो सीआरएआर का अनुपालन नहीं करते हैं और जिन्हें ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए टर्न अराउंड प्लान पहल के तहत चिह्नित किया गया है
विनियामक सीआरएआर आवश्यकताओं को पूरा करने और ग्रामीण सहकारी बैंकों के पुनरुद्धार के लिए आवश्यक विकास पूँजी उपलब्ध कराने हेतु ग्रामीण सहकारी बैंकों में शेयर पूँजी अंशदान के लिए राज्य सरकारों को सहायता भी प्रदान की जा रही है। इससे इन संस्थाओं को पूंजीगत सहायता प्राप्त करने में सहायता मिलेगी, जो न केवल विनियामक अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, बल्कि उनकी वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने और सतत व्यावसायिक विकास को सुगम बनाने के लिए भी आवश्यक है। इससे ग्रामीण सहकारी बैंकों को अपनी ऋण वितरण क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी, विशेषतः कृषि, ग्रामीण विकास और लघु उद्यमों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में
(iii) राज्य सरकारों द्वारा शेयर पूँजी अंशदान का वास्तविक आकलन
राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न संस्थाओं को उनके ऋण वितरण कार्यक्रम और नाबार्ड द्वारा निर्धारित पात्रता, राज्य सरकार की शेयर पूँजी अंशदान संबंधी सीमा आदि को ध्यान में रखते हुए सहायता राशि के वास्तविक आकलन के पश्चात् शेयर पूँजी प्रदान किया जाए
5.राज्य सरकारों द्वारा परिचालन अवधि के (अप्रैल 2025 - मार्च 2026) भीतर प्रतिपूर्ति के लिए पूर्ण रूप से भरे गए अपने आवेदन (निर्धारित प्रोफार्मा में) नाबार्ड के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए
6. विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश अनुबंध में प्रस्तुत किए गए हैं
7. कृपया इस परिपत्र की पावती हमारे क्षेत्रीय कार्यालय में दें
भवदीय
(डॉ. के एस महेश)
मुख्य महाप्रबंधक
संलग्नक: यथोक्त