वेबसाइट पोर्टल का पता: www.nabkisan.org
नाबार्ड ने 1997 में आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की ग्रामीण क्षमता को उजागर करने के लिए दो सहायक कंपनियाँ स्थापित कीं—हैदराबाद में एग्री बिज़नेस फ़ाइनेंस लिमिटेड और चेन्नई में एग्री डेवलपमेंट फ़ाइनेंस लिमिटेड. बाद में ये कंपनियाँ नैबसमृद्धि फ़ाइनेंस लिमिटेड (एनएसएफ़एल) और नैबकिसान फ़ाइनेंस लिमिटेड (एनकेएफ़एल) के रूप में विकसित हुईं, जिनके माध्यम से नाबार्ड का कार्यक्षेत्र कृषक उत्पादक संगठनों (एफ़पीओ), जल, सफाई और स्वच्छता (डबल्यूएएसएच) और ग्रामीण उद्यमों के समर्थन तक विस्तारित हुआ. वित्तीय समावेशन और ग्रामीण सशक्तिकरण के साझा मिशन के साथ, उनकी प्रगति और पूरक क्षमताओं के कारण 16.12.2025 को दोनों संस्थाओं का रणनीतिक विलय हुआ. इस विलय ने नाबार्ड को अपने प्रयासों को एकीकृत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उपेक्षित वर्गों तक अपनी पहुँच बढ़ाने में सक्षम बनाया.
नैबकिसान फिनान्स लिमिटेड वर्तमान में 21 राज्यों और 2 संघ राज्य क्षेत्रों में परिचालन करता है जो इस प्रकार हैं – आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, जम्मू और कश्मीर, पुडुचेरी.पिछले कुछ वर्षों में नैबकिसान, कृषक उत्पादक संगठन (एफ़पीओ) के क्षेत्र में सबसे बड़ा ऋणदाता बनकर उभरा है. इसने देशभर में किसान समूहों के लिए विकास, विस्तार और संधारणीयता को बढ़ावा दिया है. दूसरी ओर, नैबसमृद्धि ने जल, सफाई और स्वच्छता (वॉश) क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ समुदाय और बेहतर जीवन गुणवत्ता लाई जा सकी. दोनों की पूरक क्षमताओं ने एनकेएफ़एल को प्रभाव-आधारित वित्त में अग्रणी बना दिया है, जो कृषि उद्यम विकास को सामाजिक बुनियादी ढांचे के समर्थन के साथ जोड़ता है.
नाबार्ड, तमिलनाडु सरकार, इंडियन बैंक, आंध्र प्रदेश सरकार, तेलंगाना सरकार , यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्व में आंध्रा बैंक), केनरा बैंक, तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक, इंडियन ओवरसीज़ बैंक , फेडरल बैंक, डीबीएस बैंक (पूर्व में लक्ष्मी विलास बैंक), आईसीआईसीआई बैंक, और कुछ कॉरपोरेट्स एवं व्यक्तियों की इक्विटी भागीदारी के साथ, एनकेएफ़एल कृषक उत्पादक संगठनों, पैक्स, एनबीएफ़सी, एमएफ़आई, एग्री-टेक कंपनियों और कॉरपोरेट्स को नवोन्मेषी ऋण समाधान प्रदान करता है. इसके वित्त पोषण का दायरा कृषि मूल्य श्रृंखला, फसल कटाई के बाद की आधारभूत संरचना, जलवायु और वॉश पहल, आवास, वाहन और एमएसएमई तक फैला हुआ है.
आज एनकेएफ़एल एक अखिल भारतीय कंपनी है, जिसकी सीधी ऋण सेवाएँ 21 राज्यों और 3 संघ राज्य क्षेत्रों में उपलब्ध हैं. यह पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख हितधारकों, संवर्धक संस्थाओं और राज्य सरकारों के साथ मिलकर रियायती वित्त उपलब्ध कराती है और ग्रामीण उद्यमों को मजबूत बनाती है.
समुदायों को सशक्त बनाने के स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ, एनकेएफ़एल भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पूरी क्षमता को उजागर करते हुए कृषि, वॉश, जलवायु पहल और ग्रामीण आजीविका को प्रभावित करता है.
संपर्क विवरण:
श्री प्रसाद राव
प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी
तल मंज़िल, ‘डी’ विंग
सी-24, ‘जी’ ब्लॉक
बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, बांद्रा (पूर्व)
मुंबई -400051
संपर्क नं. - 022-26539514
ई-मेल: nabkisan@nabard.org