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प्रधान कार्यालय विभाग


प्रधान कार्यालय विभाग

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जोखिम प्रबंधन विभाग
1.  आरंभ
 
नाबार्ड में केंद्रीय विभाग के रूप में 2 जून 2014 को जोखिम प्रबंधन विभाग की स्थापना सभी प्रकार के जोखिमों से संबंधित कार्यों के सम्पादन के लिए  की गई जिनमें निम्नलिखित जोखिम शामिल हैं: 
 
ऋण देनेवाले विभागों में ऋण जोखिम
खजाना और निवेश परिचालन में बाजार जोखिम
प्रधान कार्यालय के विभागों और क्षेत्रीय कार्यालयों में परिचालन जोखिम
जोखिम प्रबंधन विभाग के प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी हैं और वे बैंक के मुख्य अनुपालन अधिकारी भी हैं. 
2.  विभाग के मूल कार्य
 
  • नाबार्ड की जोखिम प्रबंधन नीति का निर्माण, समीक्षा और संशोधन
  • समुचित प्रणालियों, कार्य पद्धतियों, जोखिम आकलन उपकरणों और भविष्यगत जोखिम के पूर्वानुमान के लिए स्थापित तंत्रों के माध्यम से नाबार्ड में ऋण जोखिमों की पहचान और निदान
  • प्रधान कार्यालय के विभागों और क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा जोखिम संबंधी कार्यविधियों के अनुपालन को सुनिश्चित करना
  • स्वीकार्य स्तर के भीतर बाजार जोखिम का प्रबंधन
  • नाबार्ड के परिचालन जोखिम और अनुपालन जोखिम से संबंधित कार्यों का संपादन
  • जोखिम से संबंधित मामलों में भारत सरकार, राज्य सरकारों, भारतीय रिजर्व बैंक, अन्य विनियामक निकायों और रेटिंग एजेंसियों के साथ समन्वय और नाबार्ड के सामने आने वाले विभिन्न जोखिमों का अनुपालन सुनिश्चित करना
  • बैंक में एक मजबूत जोखिम प्रबंधन तंत्र की स्थापना 
  • विभिन्न जोखिमों के प्रबंधन और उनके संबंध में की गई कार्रवाई के बारे में आवधिक रूप से बैंक के शीर्ष प्रबंधन और बोर्ड की जोखिम प्रबंधन समिति को अवगत कराना
3.  विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियां
 
  • समग्रतामूलक उद्यम जोखिम प्रबंधन नीति स्थापित की गई. 
  • राज्य सहकारी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और फेडरेशनों के लिए जोखिम रेटिंग के मॉड्यूल शुरू किए गए. 
  • राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों के लिए मॉड्यूलों पुनरीक्षण किया गया. 
  • अनर्जक आस्ति प्रबंधन, उत्पाद-विशिष्ट रेटिंग के साथ साथ गैर-सरकारी संगठनों की सामान्य रेटिंग, गैर-सरकारी संगठनों/ चैनल साझेदारों के लिए अनुदान एक्स्पोज़र संबंधी मानदंड, क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर अनुदान एक्सपोजर से संबंधित मानदंड और नाबार्ड द्वारा गैर सरकारी संगठनों/  अन्य एजेंसियों को प्रतिबंधित करने से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए गए. 
  • प्रमुख परिचालन जोखिमों की पहचान की गई और जोखिम शमन की प्रणाली स्थापित की गई. 
  • व्यवसाय निरंतरता योजना और आपदा सुरक्षा योजना  की समीक्षा की गई और उनमें संशोधन किया गया. 
  • अनुपालन जोखिम के तिमाही अनुप्रवर्तन की प्रणाली स्थापित की गई. 
  • नाबार्ड के स्टाफ और साथ ही ग्राहक संस्थाओं के क्षमता निर्माण के लिए प्रशिक्षण संस्थानों को सहयोग दिया गया. 
  • आस्ति देयता समिति की नियमित बैठकें की गई और उनमें बाजार जोखिम से जुड़े मुद्दों पर विचार किया गया. 
संपर्क विवरण 
 
श्री एस सेल्वराज
मुख्य महाप्रबंधक
तीसरा माला, ‘सी’ विंग 
सी-24, ‘जी’ ब्लॉक
फोन: (91) 022 26524836
फैक्स: (91) 022 26530018
ईमेल: rmd@nabard.org