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विकासात्मक

जलवायु परिवर्तन

यूनाइटेड नेशन्स फ्रेमवर्क कन्वेन्शन ऑन क्लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) के अंतर्गत अडाप्टेशन फंड
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के क्योटो प्रोटोकॉल (यूएनएफसीसी) के तहत अनुकूलन निधि (एएफ़) स्थापित की गई थी. अनुकूलन निधि का उद्देश्य ठोस परियोजनाओं और कार्यक्रमों का वित्तपोषण करना है जो जलवायु परिवर्तन के अनुकूल के लिए विकासशील देशों (जो क्योटो प्रोटोकॉल के लिए पक्षकार रहे हैं) में कमजोर समुदायों की मदद करेगा.
 
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, अनुकूलन निधि के लिए राष्ट्रीय नामित प्राधिकारी (एनडीए) है और एनडीए के अनुमोदन के साथ प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाते हैं.  
 
नाबार्ड को जुलाई 2012 में अनुकूलन निधि के लिए राष्ट्रीय कार्यान्वयन इकाई (एनआईई) के रूप में नियुक्त किया गया है और वह भारत के लिए केवल एक एनआईई है. एनआईई की हैसियत से नाबार्ड अनुकूलन निधि बोर्ड से गैर सरकारी संगठनों, केन्द्रीय / राज्य सरकार के विभागों, अनुसंधान संस्थानों और तकनीकी संस्थानों आदि जैसी पात्र कार्यकारी संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत की गई व्यवहार्य जलवायु अनुकूलन के कार्यान्वयन की परियोजनाओं के लिए अनुकूलन निधि का उपयोग कर सकता है.

अनुकूलन निधि बोर्ड के तहत मंजूर प्रस्ताव
 
क्रम सं. परियोजना का नाम राज्य कार्यकारी निकाय परियोजना परिव्यय (यूएसडी मिलियन)
1 समुद्र का स्तर बढ़ने के लिए एक संभावित अनुकूलन रणनीति के रूप में तटीय संसाधनों का संरक्षण और प्रबंधन आंध्र प्रदेश एमएसएसआरएफ़ 0.69
2 पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और बांकुरा जिलों में छोटे और सीमांत किसानों की अनुकूलन क्षमता बढ़ाना और सहनक्षमता को बढ़ाना पश्चिम बंगाल डीआरसीएससी 2.51
3 जलवायु सहनक्षमता और आजीविका सुरक्षा के लिए छोटे अंतर्देशीय मछुआरा समुदाय की अनुकूलन क्षमता विकसित करना मध्य प्रदेश, टीएएएल   1.79
4 राजस्थान और तमिलनाडु में वाटरशेड विकास परियोजना की जलवायु प्रूफिंग राजस्थान और तमिलनाडु बहु एजेंसियां 1.344
5 उत्तर पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में कृषि पर निर्भर पर्वतीय समुदायों के सतत आजीविका के लिए जलवायु स्मार्ट कार्य और रणनीतियां उत्तराखंड बीएआईएफ़ 0.969
6 कान्हा-पेंच कॉरीडोर में समुदाय में अनुकूलन क्षमता विकसित करना, आजीविका औरपारिस्थितिक सुरक्षा (पीसीएनअनुमोदित) मध्य प्रदेश रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड फ़ाउंडेशन, इंडिया (आरबीएस एफ़आई) और मध्य प्रदेश वन विभाग   2.50
  कुल     9.803